मन लगा यार अमीरी में
0जब तक इस देश में गरीबी है तब तक ही अमीरी भी है। हकीकत में अमीरों का अस्तित्व गरीबों की नींव पर ही टिका है। जब देश में गरीबही नही
किसी ने कहानी सुनाई थी. सच्ची या झूठी, पता नहीं. बताया कि एक यूरोपियन देश में ट्रेन चलना प्रारम्भ हुई. लोगों ने यात्रा करना प्रारम्भ किया. हमारे यहां की ही
भारत देश भ्रष्टाचार के सडे़ तालाब में परिवर्तित हो चुका है ।भ्रष्टाचार आज जो सरकारी लोकसेवकों के,राजनैतिक व्यक्तियांे के, व्यापारियो के,बहुत हद तक नागरिकों के भी नस-नस में रक्त बन
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस समय संसद में विपक्ष की एकजुटता देखते ही बनती है.विपक्ष अब भी जे.पी.सी. से कम पर मानने को तैयार नहीं है.लेकिन क्या विपक्ष वास्तव में भ्रष्टाचार
जब तक इस देश में गरीबी है तब तक ही अमीरी भी है। हकीकत में अमीरों का अस्तित्व गरीबों की नींव पर ही टिका है। जब देश में गरीबही नही
किसी ने कहानी सुनाई थी. सच्ची या झूठी, पता नहीं. बताया कि एक यूरोपियन देश में ट्रेन चलना प्रारम्भ हुई. लोगों ने यात्रा करना प्रारम्भ किया. हमारे यहां की ही
भारत देश भ्रष्टाचार के सडे़ तालाब में परिवर्तित हो चुका है ।भ्रष्टाचार आज जो सरकारी लोकसेवकों के,राजनैतिक व्यक्तियांे के, व्यापारियो के,बहुत हद तक नागरिकों के भी नस-नस में रक्त बन
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस समय संसद में विपक्ष की एकजुटता देखते ही बनती है.विपक्ष अब भी जे.पी.सी. से कम पर मानने को तैयार नहीं है.लेकिन क्या विपक्ष वास्तव में भ्रष्टाचार
1 लाख 76 हजार करोड़ का घोटाला| हम चुप क्यों हैं ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ? ?
1990का स्वतंत्रता दिवस समारोह मुझे आज भी याद है.तब मैं हाई स्कूल में था और वैश्विक अर्थव्यवस्था को समझने लगा था.लाल किले के प्राचीर से भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ
अब फूटेगा भ्रष्टाचार का गुब्बारा। बहुत माल भर लिया, अब सीमा से अधिक हो गया है। अति होने के बाद ही इति होती है। अब जनता को भी लगने लगा
लुटना हमारा ‘राष्ट्रीय व्यसन’ है – हम लूटने को तैयार बैठे हैं बस लूटने वाला चाहिए -इतिहास गवाह है ? मुहम्मद ग़जनी ने हमें 17 बार लूटा -नादिर शाह ने
POPULATION SHOULD BE CONTROLLED ANYWAY पिछली जनगणना के बाद जनसंख्या संबंधी आधिकारिक आँकड़े जारी किये गये, राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नजरिये से इसे देखा और अपने हिसाब से व्याख्या की।
मुरारी सिंह कंडारी 1947 से 1975 तक बिहार में कांग्रेस की सत्ता रही, इसी बीच दलितों को सरकारी जमीन के पट्रेट तो दिए गए पर उस जमीन पर कोई दलित