Post Tagged with: "कौआ"

सूखती स्याही और कुन्द होती खबरों की धार

सूखती स्याही और कुन्द होती खबरों की धार

0 के .पी. त्रिपाठी / 2010/09/10 10:46 pm

“मत कहो, आकाश में कुहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है ” दुष्यंत कुमार की यह पंक्ति वर्तमान मीडिया परिवेश में अक्षरतः सटीक बैठती हैं। कलम की स्याही सूख रही

इलैक्ट्रॉनिक मीडिया नया विलन

इलैक्ट्रॉनिक मीडिया नया विलन

0 अखिलेश शर्मा / 2010/08/24 9:58 am

80 के दशक की यादें ताज़ा हो गईं. तब गांव में एक बड़े हॉल में एक टीवी पर वीडियो फिल्में देखने जाता था. चाहे शक्ति कपूर हो, अमरीश पुरी या फिर

मनोरंजक  खबरिया चैनल

मनोरंजक खबरिया चैनल

0 संजय कुमार / 2010/08/23 9:51 pm

तेजी से दर्शकों के मानसपटल पर छा जाने वाले संचार क्रांति के सशक्त माध्यम, खबरिया चैनल मनोरंजन चैनलों में तब्दील होते जा रहे हैं। राजनीतिक खबरों को पीछे धकेलते हुए

कौआ और मीडिया

कौआ और मीडिया

1 शंकर दत्त फुलारा / 2010/07/14 5:54 pm

भारतीय समाज में कौए को आमतौर पर अच्छा नही माना जाता। कारण, शायद उसकी कर्कश आवाज, कुटिल बुद्धि, तांक-झांक करने की आदत, उसका काला रंग आदि हो। लेकिन, अपनी इन