एकछत्र शासन का घोषणापत्र- उपसंहार
0उपसंहार जब किसी देश का समाज आर्थिक और भौतिक ही नहीं नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध हो, जब किसी देश के युवा मस्तिष्क से प्रतिभाशाली, शरीर से बलिष्ठ
बिहार विधानसभा चुनाव का चौथा चरण सोमवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया | चौथे चरण में बिहार के 42 विधानसभा क्षेत्रों में 51 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में भाग
सुनिए जरा पाकिस्तान की छात्राएं भारत-पाक संबंधों के बारे में क्या सोचती हैं
उपसंहार जब किसी देश का समाज आर्थिक और भौतिक ही नहीं नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध हो, जब किसी देश के युवा मस्तिष्क से प्रतिभाशाली, शरीर से बलिष्ठ
यहाँ पर यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि संसार में हिन्दू धर्म ही एकमात्र ऐसी जीवन पद्धति है जिसे किसी संप्रदाय विशेष के साथ नहीं जोड़ा जा सकता,जिसमें कभी
(ऐसे 21 सुधार जो भारतवर्ष को फिर से विश्व गुरु और सोने की चिड़ियाँ बना सकते हैं।) मेरी छोटी सी पृष्ठभूमि : मैं मीणा जाति और आदिवासी वर्ग का राजस्थान
पश्चकथन 1996 से मैंने देश की समस्याओं के समाधान के बारे में लिखना शुरु किया. मैं ‘ऐसा होना चाहिये’, ‘वैसा होना चाहिये’ की शैली में लिख रहा था. तब मैं
अवनीश सिंह जैसे-जैसे राष्ट्रमंडल खेलों की घडियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे खेल से जुडी परियोजनाओं के आयोजकों की परेशानी बढती जा रही हैं। अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रमंडल
रमजान का महीना प्रारम्भ होते ही इफ्तार की दावतों का दौर चल पड़ता है। जहां तक मुझे पता है, सूर्योदय से सूर्यास्त तक भूखे रहने के बाद जब मुसलमान कुछ
नक्सली नेता कोबाड गाँधी की गिरफतारी,आजाद की तथाकथित मुठभेठ में मौत नक्सलवाद के विस्तार के कारणों एवं उद्देश्यों को प्रचारित-प्रसारित करने में मील का पत्थर साबित हो चुकी है ।दिल्ली
इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि कश्मीर का अन्तर्राष्ट्रीयकरण करने के लिये बहुत कुछ तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरू की अपरिपक्वता एवं अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में उनकी
44. नागरिक पहचानपत्र 44.1 पहचानपत्र दो प्रकार के होंगे- ‘भारतीय नागरिक पहचानपत्र’ और ‘भारतीय सीमित नागरिकता पहचानपत्र’ (विस्तृत व्याख्या अध्याय 13 में।) 44.2 नागरिकों को जारी होने वाले बहुद्देशीय पहचानपत्र
ममता बनर्जी का लालगढ़ दौरा विवादों से भरा रहा। नक्सली कमाण्डर आजाद पर दिया उनका बयान दूसरे दलों के नेताओं में बदहजमी पैदा कर गया और उसका असर संसद में