चुप मत बैठ कबीर
3अपनों के बीच वर्ष 1974 ईं. में सत्यं-शिवम्-सुन्दरम् कविता संग्रह लेकर पहुंचा था अपनों के बीच।उस कविता संग्रह को आर्शवाणी कहा गया था। उस कृति में मेरी एक रचना:- यश
लेखक: रामगोपाल 'राही' कबीर साहित्य में जहाँ दर्शन, अध्यात्म, ज्ञान, वैराग्य की गूढता मिलती है, वहीं उनके साहित्य में समाज सुधार का शंखनाद भी है। वह दार्शनिक होने के
अपनों के बीच वर्ष 1974 ईं. में सत्यं-शिवम्-सुन्दरम् कविता संग्रह लेकर पहुंचा था अपनों के बीच।उस कविता संग्रह को आर्शवाणी कहा गया था। उस कृति में मेरी एक रचना:- यश
लेखक: रामगोपाल 'राही' कबीर साहित्य में जहाँ दर्शन, अध्यात्म, ज्ञान, वैराग्य की गूढता मिलती है, वहीं उनके साहित्य में समाज सुधार का शंखनाद भी है। वह दार्शनिक होने के