सेक्स और समाज|Shortlink: 2009/09/15 3:27 pm

सेक्स चिंतन – 3

8 Comments

  • पहली बात – सेक्स बहुत ज़रूरी विषय है और इसपर स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए.

    दूसरी बात – समाज का काम सेक्स पर पहरा देना नहीं है.

    तीसरी बात – दृश्य और प्रचार माध्यमों में सेक्स को मिलनेवाली बेवजह तवज्जोह को कम करना ज़रूरी है. किशोरवय लड़के-लड़कियों के मन में सेक्स घर करता जा रहा है, इसे contraceptives के बढ़ते प्रचलन और किशोरियों में गर्भधारण की दर के बढ़ने से समझा जा सकता है. खुले दिमागवाला परिवारी व्यक्ति भी नहीं चाहेगा की उसके पुत्र या पुत्रियाँ आयेदिन अपने पार्टनर्स बदलें और एक दूसरे को जिस्मों का जलवा दिखाएँ.

  • nice article.its good for our society.

  • Nishant ki baaton ko mera samarthan hai.

  • sex visay par lika apka lekh bahut hi badhiya laga . apko dhanwad .

  • कई बिंदुओं पर आपसे सहमत. सार्थक लेख.

  • hamare kafi prashno ka uttar mil gya hame…..aapka ye aalekh padhkar….
    Aapke vichar prashanniya hai…

  • vry good artical

  • very common thout because u know everyone knows about it but they always do so.

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