राष्ट्रीय|2012/02/05 5:55 pm

मैं पुराना जनसंघी हूँ:सुब्रमण्यम स्वामी

मैं पुराना जनसंघी हूँ:सुब्रमण्यम स्वामीसन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपनी जंग लड़ने वाले 73 वर्षीय स्वामी जनता पार्टी के कार्यकर्त्ता और नेता दोनों ही हैं | पिछले 42 सालों से राष्ट्रीय परिदृश्य में सामाजिक और राजनीतिक योगदान देते आ रहे स्वामी ने 2G स्पेक्ट्रम के आवंटित सभी 122 लाइसेंस को रद्द करवा कर देश भर में अपने चाहने वालों और समर्थकों की तादाद सौ गुनी कर दी है | आज हर किसी की जुबान पर स्वामी का ही नाम है | स्वामी की लोकप्रियता और कर्मठता को देखते हुए राष्ट्रीय राजनीति में उनकी स्वीकार्यता बढ़ गयी है |

ऐसे में जनता भी चाहती है कि स्वामी किसी बड़े राजनीतिक दल या गठबंधन से जुडकर काम करें |खुद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में इस ओर संकेत दिए हैं |

अपनी आगामी राजनीतिक योजना के बारे में पूछे जाने पर स्वामी ने कहामैं पुराना जनसंघी हूँ | मैं कभी भाजपा में विलय के पक्ष में नहीं था | जब वह बनी तो मैंने सोचा यह क्या हुआ | गांधीवाद और समाजवाद की बात हो रही है ? समाजवाद तो दुनिया भर में असफल रहा है | शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती की गिरफ्तारी के बाद मैं उनके पक्ष में खड़ा हुआ ,उन्हें छुडवाया | इसके बाद संत समाज ने मुझे काफी पसंद किया और मैंने पाया कि शंकराचार्य की गिरफ्तारी में सोनिया गाँधी का हाथ था | मैंने तथ्य जुटाए और हिंदुत्व पर किताब लिखी ,जिसका सर्वत्र स्वागत हुआ | आज मैं समझता हूँ विहिप और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से इतनी निकटता हो गयी है ,वे चाहते हैं कि मुझे भाजपा के साथ मिलकर काम करना चाहिए | मुझे मालुम नहीं कि भाजपा को कहाँ संकोच है ,पर बातचीत चल रही है और इस बात की सम्भावना ज्यादा है कि जनता पार्टी एनडीए का एक घटक बनेगी | सगाई हो चुकी है ,देखें विवाह कब होता है | “

 

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