Author: त्रिपुरारी कुमार
त्रिपुरारी कुमार , भागलपुर के जाने -माने पत्रकार हैं . १० वर्षों से पत्रकारिता -जगत में सक्रिय हैं .प्रभात खबर, हिन्दुस्तान , जैन टीवी ,इंडिया न्यूज़, और ए.एन.आई जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया . भागलपुर में ही लोकल चैनल "आपकी आवाज " का संपादन करते हुए नई उचाईयों पर ले गये . वर्तमान में "365 दिन " न्यूज़ चैनल में स्पेशल प्रोग्राम हेड के नाते अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं .
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राज्यों के पुनर्गठन का प्रश्न प्रभावशाली शासन से जुड़ा है, जो आकार में बड़े राज्यों में दुष्कर हो जाता है. जब कोई राज्य क्षेत्रफल और जनसंख्या में बहुत बड़ा होता है तो निगरानी का कम लचर हो जाता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उत्तर प्रदेश से ज्यादा आबादी भारत को छोड़ सिर्फ चार देशों की है, महाराष्ट्र की आबादी फिलीपिंस से अधिक है जो आबादी की दृष्टि से विश्व में 11वां सबसे बड़ा देश है, बिहार की आबादी जर्मनी से अधिक है, पश्चिम बंगाल की आबादी इथोपिया से अधिक है . क्या हमारे पास ऐसा तंत्र है जो इतनी अधिक जनसंख्या वाले राज्य को सम्यक रूप से शासित कर सके ? अतः राज्यों के पुनर्गठन के प्रश्न को व्यापक नजरिये से देखने की जरुरत है.
राज्यों के पुनर्गठन का प्रश्न प्रभावशाली शासन से जुड़ा है, जो आकार में बड़े राज्यों में दुष्कर हो जाता है. जब कोई राज्य क्षेत्रफल और जनसंख्या में बहुत बड़ा होता है तो निगरानी का काम लचर हो जाता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उत्तर प्रदेश से ज्यादा आबादी भारत को छोड़ सिर्फ चार देशों की है, महाराष्ट्र की आबादी फिलीपिंस से अधिक है जो आबादी की दृष्टि से विश्व में 11वां सबसे बड़ा देश है, बिहार की आबादी जर्मनी से अधिक है, पश्चिम बंगाल की आबादी इथोपिया से अधिक है . क्या हमारे पास ऐसा तंत्र है जो इतनी अधिक जनसंख्या वाले राज्य को सम्यक रूप से शासित कर सके ? अतः राज्यों के पुनर्गठन के प्रश्न को व्यापक नजरिये से देखने की जरुरत है.