संसद मार्ग|2010/06/18 1:15 pm

एकछत्र शासन का घोषणापत्र : 4

4. सबके लिये रोजगार

4.1            इस घोषणापत्र में आगे कई ऐसी योजनाओं, परियोजनाओं तथा निर्माण कार्यों (जैसे, प्रत्येक सौ की आबादी पर एक-एक शिक्षाकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी तथा सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति करना; सभी नदियों को जोड़ते हुए भूमिगत नहरों का जाल बिछाना; नागरिकों के पहचानपत्र के ब्यौरों को अखिल भारतीय कम्प्यूटर नेटवर्क में सुरक्षित रखना, इत्यादि) का जिक्र किया गया है, जिसके लिये लाखों-करोड़ों की संख्या में अशिक्षित, अल्पशिक्षित, शिक्षित, उच्चशिक्षित और किसी विशेष क्षेत्र में शिक्षित/प्रशिक्षित युवाओं की जरुरत पड़ेगी.

4.2              इसके लिये सीधी भर्ती/नियुक्ति की जायेगी, जिसमें न्यूनतम योग्यता (अध्याय:6)  रखने वाले उम्मीदवारों को प्रशिक्षण केन्द्रों अथवा रेफ्रेशमेंट कोर्सों में भेजकर उन्हें उस कार्य के योग्य बनाया जायेगा.

4.3              प्रारम्भ में 18 से 45 वर्ष तक के नागरिकों को रोजगार दिया जायेगा; सबको रोजगार मिल जाने के बाद आयु सीमा 18 से 28 वर्ष कर दी जायेगी.

4.4              भविष्य में- सबको रोजगार मिल जाने के बाद, सरकारी क्षेत्र में नौकरी पाने के लिये लिखित परीक्षा या साक्षात्कार की जरुरत अपने-आप समाप्त हो जायेगी; तब शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तथा उम्मीदवार के इच्छानुसार उम्मीदवार को सम्बन्धित विभाग के प्रशिक्षण केन्द्र में भेजकर उसे उस कार्य के योग्य बनाया जायेगा और वहाँ असफल रहने पर उसे दूसरे विभाग/प्रशिक्षण केन्द्र में भेजा जायेगा.

4.5              श्रमिकों का चयन-केन्द्र प्रखण्ड/नगर/उपमहानगर स्तर पर होगा; कर्मचारियों का चयन-केन्द्र जिला/महानगर स्तर पर होगा; पर्यवेक्षकों का चयन-केन्द्र राज्य स्तर पर और अधिकारियों का चयन-केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर होगा. (अध्याय 6 एवं 14 द्रष्टव्य)

विश्वकर्मा सेना

4.6              देश के समस्त कुशल/अकुशल मजदूरों तथा छोटे किसानों/खेतिहर मजदूरों/दस्तकारों का पंजीकरण कर उन्हें ‘विश्वकर्मा सेना’ के रुप में संगठित किया जायेगा.

4.7              इस सेना के अन्दर पुल-निर्माण, सड़क-निर्माण, रेल-निर्माण, भवन-निर्माण- जैसे अलग-अलग डिविजन होंगे, और जनता के पैसों से होने वाला कोई भी निर्माण कार्य इस सेना के माध्यम से ही कराया जायेगा. (जाहिर है, ‘ठीकेदारी प्रथा’ समाप्त हो जायेगी.)

4.8              इस सेना में दैनिक या साप्ताहिक वेतन दिया जायेगा, जिसमें ‘छ्ह’ दिनों के कार्य के बदले ‘सात’ दिनों का वेतन, तथा घर से दूर कार्यस्थल होने पर भत्ता दिया जायेगा. (एटीएम मशीनों के माध्यम से छोटे मूल्यवर्ग के ‘करेन्सी’ नोट इन्हें वेतन के रुप में दिये जायेंगे.)

4.9              कुशल/अकुशल मजदूरों को वर्ष में चार महीने की तथा सीमान्त किसानों/खेतिहर मजदूरों/दस्तकारों को वर्ष में छह महीने की छुट्टी दी जायेगी- छुट्टियों के दौरान वे आधे वेतन के हकदार होंगे, जो उन्हें छुट्टियों पर जाते समय एकमुश्त राशि के रुप में दे दी जायेगी.

4.10          इस सेना में प्रत्येक तीन कार्य दिवस के बदले एक दिन का ‘बोनस’ श्रमिकों के खाते में जमा होगा- इस बोनस राशि को वे त्यौहारों से पहले ले सकेंगे.

4.11          इस सेना में पंजीकृत किसानों/मजदूरों/दस्तकारों और अन्यान्य कर्मचारियों/अधिकारियों/इंजीनियरों के लिये आठ वर्ष में एक बार तीन महीने का सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य होगा. (अर्थात्, यह विश्व की सबसे बड़ी ‘आरक्षित सेना’ होगी.)

व्यवसाय

4.12          व्यवसाय करने को इच्छुक युवा क्रमांक 8.10 में वर्णित ‘राष्ट्रीय बैंक’ से ऋण लेकर आसानी से व्यवसाय शुरु कर सकेंगे.

सफल व्यवसायियों/उद्यमियों की मदद से एक परामर्श समिति बनायी जायेगी, जहाँ से नये व्यवसायी तथा उद्यमियों को जरुरी मार्गदर्शन दिया जायेगा.

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