संसद मार्ग|2010/07/24 8:05 pm

एकछत्र शासन का घोषणापत्र- 33

33. ऊर्जा

33.1          सोलर सिस्टम और सौर ऊर्जा से चालित उपकरणों (बल्ब, पंखा, चूल्हा, इत्यादि) के निर्माण के लिए पाँच बड़े-बड़े कारखाने (पाँच अंचलों में एक-एक) स्थापित किए जायेंगे; जहाँ चार शिफ्टों में काम करते हुए देश में रहने वाले प्रत्येक परिवार के लिए सोलर सिस्टम और सौर ऊर्जा चालित उपकरणों का एक ‘सेट’ बनाया जाएगा।

33.2          निम्न आयवर्ग के परिवारों से सेट का 5 प्रतिशत, मध्यम आयवर्ग वालों से 50 प्रतिशत और उच्च आयवर्ग के परिवारों से सेट का शत-प्रतिशत कीमत लिया जाएगा। (निम्न आयवर्ग के लिए आसान किस्तों की भी व्यवस्था होगी। आयवर्ग का निर्धारण क्रमांक 9.1 में है।)

33.3          जनस्थलों (सड़क, रेल स्टेशन, हवाई अड्डा इत्यादि) और सरकारी भवनों में दो तिहाई (66 प्रतिशत) बल्ब और पंखे सौर ऊर्जा से चालित होंगे; निजी भवनों में भी इस अनुपात को अपनाने में सरकार आर्थिक मदद देगी।

33.4          प्रत्येक प्रखंड में एक बिजली उत्पादन इकाई होगी, जो किसी भी स्रोत पर आधारित हो सकती है- कोयला, भू ताप, नदी, हवा, धूप, समुद्र की लहरें, इत्यादि, जो भी वहाँ उपलब्ध हो। (जाहिर है, प्रत्येक नगर में एक तथा महानगरों में नौ ऐसी इकाईयां होंगी।)

33.5          बिजली घर की बिजली का उपयोग मुख्य रूप से मशीनों आदि को चलाने में किया जाएगा, जबकि ‘रोशनी’ पाने के लिए सौर ऊर्जा को मुख्य स्रोत बनाया जाएगा।

33.6          कारखानों या कारखानों के समूह को अपना ख़ुद का बिजली संयंत्र स्थापित करने में सरकार हर संभव मदद देगी।

33.7          दो छोरों पर इस्पात की मजबूत स्प्रिंग लगाकर एक विशालकाय पेण्डुलम को सदा के लिए गतिशील बनाया जा सकता है और फ़िर, इसकी गतिज ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जा सकता है- इस प्रकार के छोटे-छोटे ‘निजी’ बिजलीघर बनाने के लिए सरकार नागरिकों/संस्थानों/प्रतिष्ठानों को तकनीकी तथा आर्थिक मदद देगी।

33.8          परमाणु ‘विखण्डन’ पद्धति का बिजली बनाने में इस्तेमाल नही किया जाएगा; इसके स्थान पर समुद्र जल के ‘ड्युटेरियम’ के परमाण्विक ‘संयोजन’ से अनंत ऊर्जा पाने की कोशिशों के लिए विशेष प्रयोगशालाओं की स्थापना की जायेगी।

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