37. सजा का निर्धारण
37.1 किसी भी अपराध को निम्नलिखित पाँच में से किसी एक या ‘एकाधिक’ श्रेणी/श्रेणियों के अर्न्तगत लाकर सजा का निर्धारण किया जाएगा-
क) कायदे-कानूनों का उल्लंघन, जिससे किसी को नुक्सान नही पहुंचता हो- सजा: चेतावनी या जुर्माने से लेकर एक वर्ष से कम की कैद;
ख) व्यक्ति, परिवार या संस्था को नुकसान पहुंचाने वाले अपराध- सजा: एक से तीन वर्ष तक की कैद;
ग) समाज, संस्कृति या सभ्यता को नुक्सान पहुँचाने वाले अपराध- सजा: चार से छह वर्ष तक की कैद;
घ) राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता या राष्ट्रीय सम्पत्ति (सरकारी खजाना सहित) को नुकसान पहुँचाने वाले अपराध- सजा: सात से नौ वर्ष तक की कैद, और
ङ) मानवता, पर्यावरण या जैव-विविधता को नुकसान पहुंचाने वाले अपराध- सजा: दस से बारह वर्ष तक की कैद।
37.2 एक ही अपराध जब एक से अधिक श्रेणियों के अर्न्तगत आए, तो सजा भी जोड़कर दी जायेगी।
37.3 अदालत में अपना दोष स्वयं स्वीकार करनेवाले दोषियों को सजा में रियायत देने का ‘विवेकाधिकार’ न्यायाधीशों को प्राप्त होगा। (इस विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते समय न्यायाधीशों को ‘जनभावना का ध्यान रखना चाहिए।)
