22. नशा
22.1 शराब, सिगरेट, गुटखा-जैसे किसी भी नशीले पदार्थ के किसी भी रुप में विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगाया जायेगा- उल्लंघन करने वाली कम्पनी को बन्द ही कर दिय जायेगा.
22.2 मदिरालय (बार) और शराब की दुकानें सप्ताह में एक दिन शनिवार को दोपहर 12 बजे से बारह घण्टों लके लिये खुलेंगी; इस समय के अलावे किसी और समय में शराब खरीदने, बेचने तथा पीने पर प्रतिबन्ध होगा- उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जायेगा. (बेशक, तीन से अधिक बार उल्लंघन करने वालों के लिये जेलयात्रा की व्यवस्था होगी.
22.3 ग्रामीण तथा कबीलाई इलाकों में पंचायतों से कहा जायेगा कि वे अपने क्षेत्र के नागरिकों को मद्यपान छोड़ने, या फिर, सप्ताह में सिर्फ एक दिन मद्यपान के लिये प्रेरित करें. (जरुरत पड़े, तो सामूहिक रुप से शपथ उठायी जाय.)
22.4 बसन्त काल में महीने भर के लिये उपरोक्त प्रतिबन्ध हटा लिये जायेंगे.
22.5 अवैध मादक द्रव्यों के व्यापार से जुड़े अपराध के लिये एक संक्षिप्त अदालती प्रक्रिया (सेना के कोर्ट मार्शल- जैसी) विकसित की जायेगी तथा इस अपराध के दोषियों को मृत्यु पर्यन्त काल-कोठरियों में डाल दिया जायेगा.
22.6 तम्बाकू के स्थान पर लाभदायक जड़ी-बूटियों तथा कागज के स्थान पर किसी पत्ते का इस्तेमाल कर ‘धूम्र-वर्तिका’ (जैसा कि प्राचीन काल में बनता था) बनाने के लिये सिगरेट-कम्पनियों को कहा जायेगा. (यह सफल होने पर तम्बाकू तथा कागज से बनने वाली सिगरेट का उत्पादन भारत में बन्द कर दिया जायेगा.)
