80-90 के दशक के जनप्रिय विज्ञापन

याद कीजिये 80 और 90 के दशक के वह सुनहरे दिन जब घर के सभी लोग टेलीविजन के विज्ञापन के गाने और धुन को गाया और गुनगुनाया करते थे. आपने भी गाया और गुनगुनाया होगा. विज्ञापन की कॉपी, संगीत, जिंगल्स, स्लोगन और उसका प्रदर्शन ऐसा था जो हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता था. ललिता जी, एक मध्यमवर्गीय नारी का चित्रण हो या ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा से राष्ट्रीय एकता का सन्देश, सरल, सुन्दर और सर्वप्रिय था. एक युग चला गया जब विज्ञापन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा थे. तब का विज्ञापन भी पुराने हिंदी फिल्मों की गाने की ही तरह था जो आज तक हमारे जहन में बसा है. यादों की पुस्तकालय से इन स्वर्णिम अध्याय को आइये फिर से पलटतें है.

मैंने कुछ मनपसंदीदा पुराने विज्ञापनों की यादों को संजोने का प्रयास किया है. अच्छी खबर यह है की आप याद करके अफ़सोस जाहिर करने की बजाय इन्हें www.youtube.com पर देख सकते हैं. बस टाइप कीजिये “Old Indian television advertisements”.

  1. डाबर लाल दन्त मंजन

टीचर – अरे राजू तुम्हारे दांत तो मोतिओं जैसे चमक रहे हैं
राजू – क्यों न हो मास्टरजी , मैं डाबर का लाल दन्त मंजन जो इस्तेमाल करता हूँ …..

एक अन्य छात्र – लेकिन मास्टरजी आपके दांत?

  1. विक्को

वज्रदंती वज्रदंती विक्को वज्रदंती
विको पाउडर , विको पेस्ट . . .
जड़ी बूटियों से बना, सम्पूर्ण स्वदेशी

(दूसरा संस्करण)
विक्को टरमरिक नहीं कॉस्मेटिक , विक्को टरमरिक आयुर्वेदिक क्रीम…

कील मुहांसों को जड़ से मिटाए, हल्दी चन्दन के गुण इसमें समाएं, त्वचा की रक्षा करे आयुर्वेदिक क्रीम………….

लिंक – http://www.youtube.com/watch?v=BXe6yJ-0Fe8

http://www.youtube.com/watch?v=nGxneUIFAdQ&feature=related

  1. लाइफबॉय

लाला लालाला लालाला लालालालालालाला …..

तंदुरुस्ती की रक्षा करता है लाइफबॉय ,
लाइफबॉय है जहां …., तंदुरुस्ती है वहां ..….
लाइफबॉय …………

लिंक – http://www.youtube.com/watch?v=CHXaYXecsCg

  1. वाशिंग पाउडर निरमा

वाशिंग पाउडर निरमा वाशिंग पाउडर निरमा
दूध सी सफेदी
निरमा से आये
रंगीन कपडे भी धुल-धुल जाए

पानी में रहके भी ये कम गले

ढेरों कपडे धोए और ज्यादा चले
सबकी पसंद निरमा !!

  1. लिज्जत पापड़

हें हें हें हे
चाय काफी के संग भाये
कर्रम कुर्रम कुर्रम कर्रम
मेहमानों को खुश कर जाए
हुर्रम हुर्रम
मज़ेदार लज्जतदार , सात स्वाद में लिज्जत लिज्जत पापड़ !

लिंक – http://www.youtube.com/watch?v=lSYMX6PmT34

  1. पान पराग

सुनिए, लड़की के माँ -बाप आये हैं
अरे, आइये , आइये
बारात ठीक आठ बजे पहुँच जानी चाहिए.
लेकिन हम आप से एक बात तो कहना ही भूल गए.
क्या ?
घबराइये नहीं हमें कुछ नहीं चाहिए.
हम सिर्फ इतना चाहते हैं की आप बारातियों का स्वागत पान पराग से कीजिये.
ओह ओ हमें क्या मालूम आप भी पान पराग के शौकीन है ……

ये लीजिए पान पराग.

पान पराग , पान मसाला पान पराग
खातिर -दारी में ज़रूरी, इसके बिना महफ़िल अधूरी
पान पराग, पान मसाला पान पराग !

  1. राष्ट्रीय एकता विज्ञापन

मिले सुर मेरा तुम्हारा…तो सुर बने हमारा……

(यहाँ मैं सभी ब्लोगर के लिए जानकारी देना चाहूँगा की यह भारत का एकमात्र ऐसा विज्ञापन है जिसमे अब तक सबसे ज्यादा ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों (सेलेब्रिटी) ने काम किया है)

लिंक – http://www.youtube.com/watch?v=ken1pQ2Do8g

  1. सिंकारा
    यह बेचारा , काम के बोझ का मारा !!
    इन्हें चाहिए हमदर्द का सिंकारा
    हमदर्द का टोनिक , सिंकारा !
  1. कैडबरी कुछ खास हैं , हम सभी में …
    कुछ बात हैं , हम सभी में …
    बात हैं …., खास ….हैं …,
    कुछ स्वाद है ….
    क्या स्वाद है ….., जिंदगी में

कैडबरी डेयरी मिल्कअसली स्वाद जिंदगी का

लिंक http://www.youtube.com/watchv=485lz0ZEwEw&feature=related

  1. अमूल चोकलेट

लड़की : I am too old for dolls, too young for the Disco
लड़का : But I think you’re just right for Amul Chocolate!
Amul – the gift for someone you love!!

  1. निरमा सुपर दुकानदार : ओह्होहो ..दीपिका जी
    आइये आइये यह रहा आपका सामान

    दीपिका जी : ये नहीं , वो ..

    दुकानदार : पर आप तो हमेशा वो महंगी वाली टिकिया ….

    दीपिका जी : लेती थी
    कम दामो में वही सफेदी मिले तो कोई वोह क्यों ले …
    ये न ले …

    दुकानदार : मान गए

    दीपिका जी : किसे ?

    दुकानदार : आपकी पारखी नज़र और निरमा सुपर दोनों को !

  1. नटराज पेंसिल

    मैच की आखरी गेंद,
    और ये लगा सिक्स़र
    नटराज फिर चैम्पियन…….
  1. मैगी 2 मिनट नूडल्स

बच्चे : मम्मी भूख लगी है

मम्मी : दो मिनट

यह विज्ञापन का लघु संस्करण था. जिसमे हमें पहली पंक्ति और अंतिम पंक्ति ही याद थी. पूरा विज्ञापन था –

‘स्कूल से आते धूम मचाते’

मम्मी भूख लगी है

दो मिनट

एक ही बात पे मानते, मैगी मैगी मैगी.

मम्मी – पल भर में तैयार

बच्चे (सामूहिक स्वर में) – खाने में मजेदार

  1. NECC (National Egg Coordination Committee)

मेरी जान, मेरी जान, मुर्गी के अंडे

आदमी : खाना मेरी जान, मेरी जान, मुर्गी के अंडे

औरत : आमलेट खिलाऊ, फ्रायड खिलाऊ, बोआइल खिलाऊ.

औरत : खिलाऊ मुर्गी के, मुर्गी के, अंडे ही अंडे.

आदमी :सन्डे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे

  1. गोल्ड स्पोट

Gold Spot! The Zing Thing! Gold Spot Gold Spot!

लिंक – http://www.youtube.com/watch?v=ReWZ-7E0oEM

  1. बी टेक

आदमी खुजली से परेशान होते हुए: ओए ओए

औरत : खुजली करनेवाले! बी-टेक्स लगा ले!

बी टेक्स लगा के तू अपनी

दाद, खाज, खुजली मिटा ले

आदमी खुश होते हुए : ओए ओए!

  1. रसना

‘I Love You RASNA’

लिंकhttp://www.youtube.com/watch?v=CrOGluSE6LA

  1. बजाज बल्ब

जब मैं छोटा लड़का था, बड़ी शरारत करता था

मेरी चोरी पकड़ी जाती…..

जब रौशन होता बजाज.

क्या रंगीन जवानी थी, एक राजा और एक रानी थी, राजा-रानी शरमा जाते…..

जब रौशनी देता बजाज!

अब मैं बिलकुल बूढा हूँ, गोली खाकर जीता हूँ. लेकिन आज भी घर के अंदर

रौशनी देता बजाज!

रौशनी की दुनिया का सरताज, बजाज

लिंक  http://www.youtube.com/watchv=fTxVUahV1g8&feature=related

  1. बजाज स्कूटर

ये जमीं ये आसमां…..हाँ…..

ये जमीं ये आसमां

हमारा कल, हमारा आज

हमारा कल, हमारा आज

बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर

हमारा बजाज, हमारा बजाज

लिंकhttp://www.youtube.com/watch?v=oWFSG0YL_mM

  1. लूना (चल मेरी लूना)

ये हैं मिस्टर राम मुरारी

अफसर हैं ये एक सरकारी,

देर-देर तक काम ये करते, फिर घर जाने से थे डरते,

उनको सूझा एक उपाय

अगले दिन एक लूना लाये,

चल मेरी लूना……

लूना करती पक्का वादा, खर्चा कम, मजबूती ज्यादा,

अब काम भी है पूरा कर पाते

घर में ज्यादा वक्त बिताते,

सुख पाना है तुमको दूना

तो शान से बोलो चल मेरी लूना.

सफलता की सवारी लूना

लिंक 

http://www.youtube.com/watch?v=odJCJC8rLg&feature=related

  1. पान पसंद

लड़की (गुस्से में): क्या? शादी और तुमसे. कभी नहीं..

पान पसंद..पान का स्वाद, गजब की मिठास….

लड़की (प्यार से मुस्कुराते हुए) : शादी और तुमसेहमममकभी नहीं

लिंकhttp://www.youtube.com/watch?v=N0dtrTTabgo

  1. एक चिड़िया ( शिक्षा प्रोधोगिकी )

(मेरे अनुसार ये अब तक भारतीय विज्ञापन में एनीमेशन का सबसे अच्छा विज्ञापन है.)

हूमम्म्म हूमम्म्म

हिंद देश… म्म्म हुहू… हम सभी…. एक हैं तारा रा रा ऱा
भाषा अनेक हैं
हूमम्म्म हूमम्म्म भाषा अनेक हैं हूमम्म्म हूममम्म्म

ये अनेक क्या हैं दीदी ?
अनेक यानी बहुत सारे….
बहुत सारे, क्या बहुत सारे?
अच्छा , बताती हूँ…

सूरज एक…
चंदा एक…..
तारे अनेक….

तारों को अनेक भी केहते हैं ?????
नही नही !!
देखो फिर से
सूरज एक, चंदा एक, एक एक एक करके तारे बने अनेक….
ठीक से समझाओ ना दीदी

देखो देखो एक गिलहरी
पीछे पीछे अनेक गिलहारियाँ
एक तितली, ….. एक और तितली……
एक एक एक करके हो गयी अब, अनेक तितलियाँ…

समझ गया दीदी
एक उंगली, अनेक उंगलियाँ

हाँ ,

दीदी दीदी वोह देखो अनेक चिडियाँ

अनेक चिड़ियों की कहानी सुनोगे ….
हाँ हाँ

आ आ आआ,

एक चिड़िया, एक एक करके अनेक चिड़िया….
दाना चुगने आई चिडियाँ …..
एक स्वर में : दीदी हूमें भी सुनाओ न …….

तो सुनो फिर से …

एक चिड़िया, अनेक चिड़िया
दाना चुगने बैठ गयी थी …..

है राम, पैर वहाँ ब्याध ने एक जाल बिछाया था…

ब्याध, ब्याध कौन दीदी ?
ब्याध …चिड़िया पकड़ने वाला

“फिर क्या हुआ दीदी, ब्याघ ने उन्हे पकड़ लिया,“

ऊँहू…

हिम्मत से गर जुटे रहे तो
छोटे हो पैर मिले रहे तो
बड़ा काम भी हॉवे भैया..
बड़ा काम भी हॉवे भैया …

एक..दो..तीन

चतुर चिडियाँ, सयानी चिड़ियाँ
मिलजुल कर, जाल ले कर, भागी चिडियाँ
फ़ुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र

दूर, एक गावों के पास, चिड़ियों के दोस्त, चूहे रहते थे….
और उन्होने, चिड़ियों का जाल, काट दिया………

तो देखा की तुमने, अनेक, सिर्फ़ एक हो जाते हैं तो कैसा मज़ा आता हैं
दीदी मैं बताऊं…

हो जाए एक …
बन गयी ताक़त
बन गयी हिम्मत…

दीदी अगर हम एक हो जाएँ तो बड़ा काम कर सकते हैं
हाँ हाँ, क्यों नही …
तो इस पेड़ के आम भी तोड़ सकते हैं ???
हाँ, तोड़ सकते हैं पैर जुगत लगानी होगी …

अच्छा ये जुगत, वाह … बड़ा मज़ा आएगा..

हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं -2
रंग-रूप वेश-भाषा चाहे अनेक हैं -2
एक-अनेक… एक-अनेक…

सूरज एक, चंदा एक, तारे अनेक,
एक तितली, अनेक तितलियाँ
एक गिलहरी , अनेक गिलहरियाँ
एक चिड़ियाँ एक एक… अनेक चिड़ियाँ

लिंकhttp://www.youtube.com/watchv=VK_TnmNJqao&feature=related

और कई पुराने विज्ञापन की सीरीज आप इस लिंक पर भी देख सकते हैं

http://www.youtube.com/watch?v=ZZPMnqlkKKs&feature=fvw

http://www.youtube.com/watchv=TMLhuH_g_gU&feature=related

http://www.youtube.com/watch?v=ZZPMnqlkKKs&feature=fvw

आप सब पुरानी यादों में खो गए होंगे. है ! विज्ञापन की वो दुनिया बिलकुल ही अलग थी. प्रभावशाली विचार, भाषा का कसाव, तथा सरलता से सन्देश का सफल सम्प्रेषण करते यह विज्ञापन निश्चय ही अविस्मरणीय हैं. आज के विज्ञापन तकनीकी और ग्राफिक्स दृष्टिकोण से तो समृद्ध हैं परन्तु जनसंचार में विफल प्रतीत होते हैं. विज्ञापन में रचनात्मकता और साज-सज्जा अच्छी बात है. परन्तु हमें यह ध्यान में रखना होगा की कहीं इन चीजों  की अधिकता में सन्देश गौण न हो जाये. कितना भी पैसा क्यों न खर्च किया जाए परन्तु अगर हम विज्ञापन को याद नहीं रख पातें हैं तो वह बेकार है. रीकॉल वैल्यू अत्यंत आवश्यक है. 80-90 के दशक के विज्ञापन से यह सीख ली जा सकती है की सन्देश का प्रभावशाली सम्प्रेषण कैसे किया जा सकता है. यही वजह है. आज भी इन विज्ञापनों को हम भूल नहीं पायें है.

3 Comments

  • thanx suman… u made my day…. thanks a lot for these links….

    carry on the good work….

  • मैंने अपने pc में ख़ास संभालकर कुछ विडिओ रक्खे हैं. आपने तो
    विस्तार कर दिया. शुक्रिया!

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