आशुतोष तिवारी ( गूगल ग्रुप से साभार )
भ्रष्टाचारों से घिरी भ्रष्टाचारियों की केंद्र सरकार अब अन्ना हजारे और बाबा रामदेव से बुरी तरह डर गई है. अपनी पोल खुलती देखकर सरकार अब इन लोगों की आवाज को दबाने और इन्हें निपटाने के लिए गैर लोकतांत्रिक तरीके भी अख्तियार करने लगी है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवायजरी भेज कर सभी चैनलों को अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों की कवरेज करने से मना कर दिया है. सरकारी धमकी के बाद चैनल भी पूंछ दबा लिए हैं.
एडवाजयरी में यह तर्क दिया गया है कि इनके कार्यक्रमों को दिखाए जाने से देश में अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है, दंगा, विरोध भड़क सकता है. कानून- व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है. एडवायजरी मिलने के बाद ज्यादातर नपुंसक चैनल अन्ना हजारे के अनशन के कवरेज को रोक दिया है. राजघाट से अपने लाव लश्कर समेट कर बिल में घुसने की तैयारी में जुट गए हैं. सबके मुंह में माइक घुसेड़ने की हड़बड़ी रहने वाले अब शांतचित तरीके से माइक डालकर वापस लौट रहे हैं.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का गले से नीचे न उतरने वाले तर्क पर सवाल-जवाब करने की बजाय, जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय अन्य दूसरे चैनलों ने अन्ना हजारे और बाबा रामदेव की खबरों को ऑफ एयर कर दिया है. अधिकांश चैनलों से अन्ना हजारे और बाबा रामदेव गायब हो चुके हैं.
इस सरकार को अब जनता से भी डर नहीं है. इस सरकार को पता है कि जनता की यादाश्त बहुत कमजोर होती है, तीन साल बाद होने वाले चुनावों से पहले से यह सब कुछ भूल जाएगी. अभी भ्रष्टाचार और घोटालों से जनता भले ही परेशान हो जब चुनाव आएगा तब जाति-धर्म-सम्प्रदाय-क्षेत्रीयता में बंटी जनता उनके लिए कोई खतरा नहीं बनेगी. खतरा तो अन्ना हजारे और बाबा रामदेव जैसे लोग हैं. ये जनता से ज्यादा खतरनाक हैं जो जनता को जगाने का काम कर रहे हैं
सचमुच में सरकार अन्ना हजार और बाबा रामदेव से इतनी डर गई है कि अब यह कोई भी अलोकतांत्रिक कदम उठाने को तैयार हो गई है. इसके मंत्री बौखलाए हुए हैं. चाभी वाला प्रधानमंत्री बिना चाभी घुमाए ना बोलेगा-ना सुनेगा-ना कुछ कहेगा. स्थिति बिल्कुल अराजक सी दिखती है. आपातकाल जैसे हालात बनते चले जा रहे हैं. शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे लोगों पर रात के अंधेरे में लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए जाते हैं तो दिन के उजाले में मीडिया पर अघोषित प्रतिबंध लगाया जा रहा है.
और वाह रे मीडिया के बड़े-बड़े तीरंदाज! सब के सब चुप्पी साध गए हैं. किसी के मुख से इसके खिलाफ एक बोल नहीं फूट रहा है. आखिर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से कौन सा दंगा हो जाएगा. कैसे बवाल हो जाएगा? अगर बवाल का इतना ही डर है तो सरकार क्यों नहीं भ्रष्टाचारियों और काला धन जमा करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाती है? क्यों नहीं जनता को चोरों का नाम बताती है? शायद इसलिए कि ज्यादातर चोर सरकार में बैठे हैं या इनके सहयोगी हैं. यानी चंद चोर 121 करोड़ जनता पर भारी हैं. मीडिया हाउस भी एडवायजरी के बाद लगता है डर गए हैं या वे खुद दूध के धूले हुए नहीं हैं, जिससे उनको सरकार से भय है. अन्यथा क्या कारण है कि भ्रष्ट व्यवस्था के लिए आंदोलन कर रहे अन्ना के कवरेज को एडवायजरी के तत्काल बाद रोक दिया जाता. कम से कम इस मसले पर बहस तो हो ही सकती थी, परन्तु अधिकांश मीडिया हाउसों ने अपने मुंह पर पट्टी बांध लिया है. दलाल पत्रकार अपने शीशे के महलों में आराम फरमाने चले गए हैं. सचमुच अब हालात ऐसे हो गए लगते हैं कि अब जनता जूता नहीं नहीं बंदूक उठाने से भी परहेज नहीं करेगी.


अघोषित सेंसर शिप…?
भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिये, विदेशों में जमा काले धन को देश में वापस लाने के लिये, लोकपाल विधेयक बनवाने के लिये योगगुरू बाबा रामदेव व सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना अजारे द्वारा छेड़े गये मिशन को देशव्यापी समर्थन मिलने के कारण अब केंद्र सरकार ने खबरिया चैनलों पर रोक लगा दी है। मेरे नजरिये से इन खबरिया चैनलों पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगाने का मुख्य मकसद यह है कि यदि चैनलों पर कुछ न दिखाया जाये, तो शायद भ्रष्टाचार विरोधी मिशन को इतना जनसमर्थन न मिल पायेगा।
इस बात को कौन नहीं जानता कि पिछली बार अन्ना द्वारा जंतरमंतर पर किये गये अनशन व बाबा रामदेव के द्वारा रामलीला मैदान में किये गये अनशन को मिला जबरदस्त जनसमर्थन के पीछे कहीं न कहीं इलेक्ट्रानिक मीड़िया का हाथ है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा देश में दंगा भड़कने, देश में कानून व्यवस्था बिगड़ने आदि का हवाला देते हुये सभी खबरिया चैनलों को एडवायजरी नोटिस जारी की है। इसमें भ्रष्टाचार विरोधी मिशन का कोई भी फुटेज न दिखाये जाने की बात कही गयी है। मनमोहन सरकार द्वारा खबरिया चैनलों पर लगाई गयी रोक कितनी कारगर होगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा, कि अन्ना व रामदेव को मिल रहे जनसमर्थन में बृद्धि होगी या कमी।
लगता है कि सचमुच में सरकार अन्ना हजार और बाबा रामदेव से इतनी डर गई है कि अब यह कोई भी अलोकतांत्रिक कदम उठाने को तैयार हो गई है. इसके मंत्री बौखलाए हुए हैं. आपातकाल जैसे हालात बनते चले जा रहे हैं.
do not worry on TV………they cannot stop Internet. Keep the pressure up….COngress is communal party with favouring Muslim and Christian.
इसे कहते हैं तानाशाही सरकार ,,,,,,,,,,,,,
३६ सालों बाद ठीक जून के महीने की वह तारिख अभी आने वाली है जब इंदिरा गाँधी ने देश को इमरजेंसी की आग में झोंक दिया था …… चार जून को आधी रात आम नागरिकों को सोते में डंडो से पीटकर भगाना और फ़िर प्रधानमंत्री द्वारा उस घटना के बारे में कहना कि हमारे पास कोई और चारा नहीं था ….. बेहद शर्मनाक और आने वाले समय में लोकतंत्र पर बढ़ते खतरे की निशानी है | एक बार फ़िर वही हत्यारी कांग्रेस सत्ता में है जिसने लोकतंत्र का गला घोंटने की कला में महारथ हासिल कर ली है और वहीँ नेहरु खानदान आज भी सत्ता शीर्ष पर विराजमान है ,,,……… मीडिया पर अंकुश लगाने से हालात नहीं सुधरने वाले और ना ही सरकार के पक्ष में जनता के सुर लगने वाले हैं ………
its the next step of government toward national emergency
There is no Presidential Rule applied by the Govt. and the Govt. cann’t fwd this type of Advisory to Media in this situation.This is the ban on ‘Freedom of Press” and All India Media/Press can sue/file a case to our Hon’ble Court’s.
Why not forwarding/Filing their objections to International Court of Justice(ICJ) in United nation’s. There are no emergency situation in our country.Everything like riot etc. are applying the Govt. only on Peaceful movement of our Indian Public.Why not Media analysing and taking the part of the in Public peaceful movement against this type of inhuman decisions of the Govt. This is totally unfair and “violation of Freedom of Press”.
Govt. don’t want their sin come out in public. A shameful Government
As per my opinion, I think we are responsible for the corruption, because we have elected them, they were not in a position to rule against the democracy. If we look into our heart and sole then we will find the exact guilty. I appeal to each and every citizen of India, if you are really thinking of a bright future for your country so please elect the fair leader at least who can take nation’s responsibility in his/her hand like responsible citizen like you, who is worried now at this situation.