अपने अज्ञातवास के अंतिम समय में अर्जुन ने विराटनगर,नेपाल के राजा की गायो के हरण कर चुके कौरवो से जिस जगह युद्ध कर रक्षा की वो जगह ही गो रक्षा पुर या गोरखपुर कहलाई. अर्जुन की तरह ही आज भी
आप एक आम हिन्दुस्तानी का साक्षात्कार लेना चाहते थे। आपने कमोबेस उसीका ध्यान भी रखा। वैसे सच्चाई तो यही है कि हर पत्र को आम आदमी की तमाम बातो में अचित बात को वजन दे उसकी आवाज बनना चाहीए। कमी पत्रकारिता के मंद पेशे में कुदं कलम की है। आम आदमी तो आज भी मूक है। सब सहता है कल भी मूक ही है आरै आगे भी। dr a k 9313450055
bahut badhia likha aap ne, lagta hai khub mahent kiya hai iske liye, hane maja aaya, lekin agar a sach-much kisi aam admi ka interview hota to or bhi maja ata. padhne se lagta hai ki aap ne khud hi swal bane or khud hi jwab bhi, thodi sachai ki kami mahsus ho rahi hai
आप एक आम हिन्दुस्तानी का साक्षात्कार लेना चाहते थे। आपने कमोबेस उसीका ध्यान भी रखा। वैसे सच्चाई तो यही है कि हर पत्र को आम आदमी की तमाम बातो में अचित बात को वजन दे उसकी आवाज बनना चाहीए। कमी पत्रकारिता के मंद पेशे में कुदं कलम की है। आम आदमी तो आज भी मूक है। सब सहता है कल भी मूक ही है आरै आगे भी। dr a k 9313450055
आपसे शुरुआत की आशा करें ????????
bahut badhia likha aap ne, lagta hai khub mahent kiya hai iske liye, hane maja aaya, lekin agar a sach-much kisi aam admi ka interview hota to or bhi maja ata. padhne se lagta hai ki aap ne khud hi swal bane or khud hi jwab bhi, thodi sachai ki kami mahsus ho rahi hai