1980 दशक में सिनेमा की दुनिया में ‘टर्मिनेटर’ ने क्रांति लायी थी. फिर 90 के दशक में ‘टाइटेनिक’ ने सिनेमा का जायका बदला और अब 21 वीं सदी में फिल्म ‘अवतार’ के जरीए सिनेमा ने नया अवतार लिया है. यह एनिमेशन और लाइव चित्रों से बनी फिल्मो का अद्भुत नमूना प्रस्तुत करती है. उल्लेखनीय है की फिल्म केवल ४० % लाइव एक्शन है और ६०% फोटो-रियलिस्टिक सी जी आई (कम्प्युटर जेनेरेटेड इमेजनरी) द्वारा बनायी गयी है. यह पहली ऐसी फिल्म है, जो शुरुआत से अंत तक 3डी फ्यूजन कैमरे के साथ शूट हुई है. हालांकि इस फिल्म को केवल तीन ऑस्कर ही मिले परन्तु फ़िल्म की दुनिया में इसने एक नयी शुरुआत कर दी है.
फिल्म दो ग्रह के जीवों के बीच की अनोखी प्रेम कहानी में अनेक ज्वलंत मुद्दे को उठाती है जो आज के परिदृश्य में मायने रखते हैं. पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दे को फिल्म में अप्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया है जो दिल को छू लेती है. फिल्म के निर्देशक जेम्स कैमरून जो फ़िल्मी दुनिया में तकनीक के बादशाह माने जाते हैं ने अवतार से तकनीक का एक नया मापदंड स्थापित कर दिया है. तकनीक का सुंदर प्रयोग कर जेम्स कैमरून ने सिनेमा की कला में एक और नया आयाम जोड़ दिया है जिससे सिनेमा का स्वरुप और देखने का नजरिया ही बदल गया.
3डी के साथ स्पेशल इफेक्ट का बेजोड़ प्रदर्शन कर इस फिल्म ने साबित कर दिया की २१ वीं सदी की सिनेमा अब नया रूप ले रही है. एक ऐसा रूप जहाँ छोटे से परदे पर कल्पना के भी परे दृश्यों को बखूबी उतारा जा सकता है. अवतार देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है की परदे पर अब कुछ भी असंभव नहीं. सचमुच सितारों से आगे जहाँ और भी है. भारतीय निर्देशक को धूम, कृष, अलादीन, कैश, जैसे स्पेशल इफेक्ट वाले फिल्मों से आगे भी सोचना चाहिए.

