Author: स्वर्ण सुमन
स्वर्ण सुमन, वर्तमान स्थान - दिल्ली , निवासी - बिहार, झारखण्ड.
ज्ञान का सफर - १. जनसंचार और पत्रकारिता में एम. ए. २. इतिहास में एम.ए. ३. ग्राफिक्स एवं एनीमेशन में पी.जी. डिप्लोमा ४. जनसंचार और पत्रकारिता में पी.जी. डिप्लोमा
मेरी कविता ही मुझे बयां करती है : "सुमन" खिला गुलजार में पुष्पित पल्लवित हुआ, देख सभी का मन मोहित हुआ, किंतु श्रद्घा, प्रेम, श्रृंगार का माध्यम बना जो, ईश्वरीय चरणों में अर्पित होकर, प्रेमी ह्रदयों का उपहार बनकर, तरुणी का श्रृंगार बनकर, वीर शवों को नमन कर, सद्कर्मों द्वारा सर्वस्व ह्र्दय लुभाया वही "स्वर्ण सुमन" कहलाया..................