टेलीविजन कार्यक्रमों के कबाड़खाने में पुराना पर पैंट कर चमकाया गया एक और कचड़ा डाल दिया गया है । “स्वयंवर “राखी सावंत का एक और नया नाटक अरे राखी तुम्हे इसकी जरुरत क्यों पड़ी ,तुमसे बड़े नाटक की कल्पना कौन कर सकता है । तुम्हारे नाटक के सामने तो सेक्सपियर का किंग लियर भी बौना पड़ता है । इन्होने तो किताबों में चरित्र को जीवंत किया और बाद में बड़े परदे पर ,तुम तो जीती जागती एक अधूरी नाटक हो , जिसमे रोमियो जूलियट शिरी , फरहाद,सोनी, महिवाल ,न जाने कितनी प्रेम कथा समाहित होती है। हमारे यहाँ एक कहावत है “करनी न करतूत पलरी भर …………..इन कहावतों का कोई यथार्थ मालूम न था पर कहते है न कि समय हर कुछ समझा और बता देता है ,इस कहावत की समझ मुझे अब आई । अगर जिस्म नुमाइश ही शोहरत है तो ये तुम्ही से संभव है , तुमने जिस हथियार के इस्तेमाल से अपनी यह जगह बनाई है उसे सारा जग जानता है , रही बात तुम्हारे काम और मुकाम की वो सिमट जाता है “बुड्ढा मर गया तक”। मिका कांड से शुरुआत हुयी ,और नाच बलिये तक चला ,पर क्या यह काफी था । आखिर इंडस्ट्री को पता भी चले कि राखी का नाटक अभी बंद नही हुआ है । वो समय समय पर अपना कोई न कोई आईटम पेश करती रहेंगी। खैर जो भी सारा जग जानता है कि तुम्हे बिना कपडों के कमर मटकाने के अलावा और भी कुछ आता है ?अगर मेरी मानों तो एक सलाह दूंगा तुम एक अदाकारा तो नही बन पाई पर बेहतरीन नाटककार बन सकती हो । ये नाटक जो तुमने अभी तक पसारा है उसे जरुरत है किताबों में उतारने की खैर छोरो इन चोचलों को सुना है आजकल डिग्रिया भी बिकती है तो खरीदो और फिर कोई किताब प्रकाशित करा लो तुम्हारे साथ साथ लोगों का भी भला हो जाएगा । जितना कूड़ा फैलाना है फैलाओ । जानता का झारू चलेगा और सारा कूड़ा साफ़ । आखिर कब तक लोग गंदगी में रहेंगे । वैसे लगे रहो जब लोग इंडिया टी.वी झेल रहे है तो तुम्हे भी झेल ही लेंगे।



बंधु, राखी पर इतना क्यों नाराज होते हो। वो तो सचमुच अद्भुत अदाकारा है।
zindgi ke kai tevar hain
kala ke kai kalevar hain
________________is bahurangi tamaashe ka maza lo
dil pe mat lo bhai
dil par pahle hi bahut bojh hai…
अपना अपना शौक है.. उसे देखना कोई मजबुरी नहीं.. वैसे हमें तो ये कॉमेड़ी पसन्द है…
अपने ड्राइवर से ही शादी कर लो राखी!
राखी सावंत का स्वयंवर एक महज मूर्खतापूर्ण मजाक है। 21 जुलाई को दिखाये गये एपिसोड में राखी सावंत ने मनमोहन तिवारी के घर जाकर परिवार के लोगों से मिलने के बाद सबके बारे में काफी भला-बुरा कहा। यहां तक कि राखी सावंत ने मनमोहन तिवारी से कहा कि तुमसे ज्यादा अच्छा तो मेरा ड्राइवर है।
अगर राखी सावंत का ड्राइवर वाकई मनमोहन तिवारी से ज्यादा अच्छा है तो वह अपने ड्राइवर से ही शादी क्यों नहीं कर लेती? उसे स्वयंवर करने की जरूरत ही क्या थी?
नेहा, रांची