अंधेर नगरी|Shortlink: 2010/02/01 8:25 pm

शिक्षक = मास्टर = मास + टर

3 Comments

  • सारे देश का यही हाल है . प्राइमरी एजुकेशन भाड़ में झोका जा चुका है . सरकारी स्कूल का इतना बुरा हाल है कि उसकी चर्चा ना ही की जाए . बिहार और यूपी में तो केवल मकान और मिड डे मिल खाने वाले बच्चे हीं बचे हैं

  • परीक्षा में नक़ल एक गंभीर मुद्दा है जो वर्तमान मानव संसाधन को खोखला बना रहा है . शिक्षा में जब भ्रष्टाचार व्याप्त हो जाए तब और क्या बाकि रहता है . इस देश का क्या होगा ?

  • आज शिक्षको की स्थिति कितनी खराब है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी मासिक आय {वेतन} उसी विढ्यालय के चपरासी से कम है आज नियुक्त सम्बिदा शिक्षक को मातृ 2500/-मानदेय दिया जा रहा है | उसके भविश्य के लिए कुछ नही है | जो व्यक्ति देश का भविश्य बना रहा है उसका ख़ुद के भविश्य का ठोकाना नहीं है| शासन जितना पैसा एक बालक बालिका पर खर्च करता है उससे भी कम में एक सम्बिदा शिक्षक काम कर रहा है|

Leave a Reply