सन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर
Author: महेश कुमार वर्मा
सामाजिक समस्या, सामाजिक विसंगातियाँ व तार्किक विषयों पर लिखने का शौक; अपने ब्लॉग http://popularindia.blogspot.com/ के अतिरिक्त कई विभिन्न website पर व समाचार पत्र व पत्रिका में कई विभिन्न विषयों पर आलेख व कवितायें प्रकाशित।
सारे देश का यही हाल है . प्राइमरी एजुकेशन भाड़ में झोका जा चुका है . सरकारी स्कूल का इतना बुरा हाल है कि उसकी चर्चा ना ही की जाए . बिहार और यूपी में तो केवल मकान और मिड डे मिल खाने वाले बच्चे हीं बचे हैं
परीक्षा में नक़ल एक गंभीर मुद्दा है जो वर्तमान मानव संसाधन को खोखला बना रहा है . शिक्षा में जब भ्रष्टाचार व्याप्त हो जाए तब और क्या बाकि रहता है . इस देश का क्या होगा ?
आज शिक्षको की स्थिति कितनी खराब है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी मासिक आय {वेतन} उसी विढ्यालय के चपरासी से कम है आज नियुक्त सम्बिदा शिक्षक को मातृ 2500/-मानदेय दिया जा रहा है | उसके भविश्य के लिए कुछ नही है | जो व्यक्ति देश का भविश्य बना रहा है उसका ख़ुद के भविश्य का ठोकाना नहीं है| शासन जितना पैसा एक बालक बालिका पर खर्च करता है उससे भी कम में एक सम्बिदा शिक्षक काम कर रहा है|
सारे देश का यही हाल है . प्राइमरी एजुकेशन भाड़ में झोका जा चुका है . सरकारी स्कूल का इतना बुरा हाल है कि उसकी चर्चा ना ही की जाए . बिहार और यूपी में तो केवल मकान और मिड डे मिल खाने वाले बच्चे हीं बचे हैं
परीक्षा में नक़ल एक गंभीर मुद्दा है जो वर्तमान मानव संसाधन को खोखला बना रहा है . शिक्षा में जब भ्रष्टाचार व्याप्त हो जाए तब और क्या बाकि रहता है . इस देश का क्या होगा ?
आज शिक्षको की स्थिति कितनी खराब है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी मासिक आय {वेतन} उसी विढ्यालय के चपरासी से कम है आज नियुक्त सम्बिदा शिक्षक को मातृ 2500/-मानदेय दिया जा रहा है | उसके भविश्य के लिए कुछ नही है | जो व्यक्ति देश का भविश्य बना रहा है उसका ख़ुद के भविश्य का ठोकाना नहीं है| शासन जितना पैसा एक बालक बालिका पर खर्च करता है उससे भी कम में एक सम्बिदा शिक्षक काम कर रहा है|