Author: जयराम "विप्लव"
Born at :- Dhouni,Tarapur,Munger,Bihar( BHARAT)
जयराम " विप्लव " मूलतः सन 32 के महान शहीदों की भूमि तारापुर ,जिला - मुंगेर (बिहार) के रहनेवाले हैं | अपनी प्रारंभिक शिक्षा " अंग नगरी " भागलपुर से पूरी करने के बाद दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में स्नातक के
बाद परास्नातक की पढाई कर रहे हैं | जामिया में छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद की इकाई गठित करके दिल्ली की छात्र राजनीति में सक्रीय रहे हैं |
अंतरजाल पर जनोक्ति.कॉम को स्थापित किया, जिसे आज 'न्यू मीडिया ' में प्रभावी हस्तक्षेप माना जाता है |
विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की जीवटता वाले 'विप्लव ' साहस ,संवाद और संघर्ष के माध्यम से भारत की समृद्धि के लिए संघर्षरत हैं |
सम्प्रति : महासचिव ,युवा बिहार फाउनडेशन
प्रधान संपादक ,जनोक्ति.कॉम
आपसे संपर्क करने का पता है : ई-मेल – jayramviplav@gmail.com , janokti@gmail.com – +91-9650226757
भारत में कुछ बुद्धिजीवियों ने ऐसी स्थिति बना दी है कि जहाँ भी एकता की बात होती है, उसे साम्प्रदायिक नाम दे दिया जाता है। कारण स्पष्ट है कि ये लोग देश को एकजुट नहीं रहने देना चाहते। वन्देमातरम तो सारे ही देवी देवताओं का विरोध करता है और कहता है कि भारतमाता केवल तुम ही हो। तुम ही दुर्गा, तुम ही विद्या, तुम ही धर्म कहा है और साथ में यह भी कहा है कि तुम्हारी ही प्रतिमा गडि मन्दिरे मन्दिरे। अब भौगोलिक नाम है हिन्दु उसे धर्म का पर्याय बना दिया गया और भारत को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। जातियों के आपत्ति नहीं है बस हिन्दुओं की समग्रता पर आपत्ति है। जनगणमन तो अंग्रेज अधिनायक की जय करता है, वह उचित है लेकिन भारतमाता की जय अनुचित है।
बिल्कुल सटीक आलेख है, इस घर को आग लग गई घर के चिराग से,, राजेन्द्र यादव जैसेछद्म धर्म निरपेक्ष लोग ही इस देश का बन्टाढार किये हुए हैं। ये अन्ग्रेज़ों के मानस पुत्र हैं। पूरे गीत में कहीं कोई आपत्तिज़नक बात नहीं है। हां!! भारत की बात ,करना ही आपत्तिज़नक है।
और अधिक सटीक बात तो यह है कि इतने महत्व के विषय पर लोग टिप्पणी करने से भी कतरा रहे हैं,कौन कन्त्रोवर्सी में पडे? हद है डरने की, रोटी छिनने का डर है।