सन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर
Uplifting of basic character of the citizens is the key to eliminate corruption. Reforms must begin right from the primary school education. The basic education must imbibe high values and morals, teachers and parents should take the responsibility
जैसा राजा वैसी प्रजा । भगवद्गीता में कहा है -” यद्यद्याचरते श्रेष्ठस्तदतदेवेतरो जना:, स यत प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते”- अर्थात श्रेष्ठ लोग (वर्तमान सन्दर्भ में नेता ) जैसा आचरण करते हैं उसी का अनुकरण जनता भी करती है । शुक्र नीति में भी कहा है- “आचार प्रेरको राजा ….”।
अच्छाई व बुराई दोनों सामान्यतया शासक वर्ग से ही उत्पन्न होती हैं । क़ानून की वास्तविक शक्ति अधिनियम के कठोर प्रावधानों में नहीं होती । अपितु, यह बात अधिक महत्वपूर्ण होती है कि क़ानून की रगों में किसका रक्त प्रवाहित हो रहा है और इसके पोषणकर्ता, व्याख्याता तथा प्रयोक्ता कौन हैं ।
हमारे देश में रिश्वतदेना और लेना अपराध है। भारत सरकार ने कभी एसा कोई सर्वे कराया- रिश्वतनही देने वाले परिवारों का क्या हॉल है। इन भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियो नेउन ईमानदारी लोगो के साथ क्या किया है। http://humsubchorhain.blogspot.com/2010/10/bhrashtachar.html
Uplifting of basic character of the citizens is the key to eliminate corruption. Reforms must begin right from the primary school education. The basic education must imbibe high values and morals, teachers and parents should take the responsibility
जैसा राजा वैसी प्रजा । भगवद्गीता में कहा है -” यद्यद्याचरते श्रेष्ठस्तदतदेवेतरो जना:, स यत प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते”- अर्थात श्रेष्ठ लोग (वर्तमान सन्दर्भ में नेता ) जैसा आचरण करते हैं उसी का अनुकरण जनता भी करती है । शुक्र नीति में भी कहा है- “आचार प्रेरको राजा ….”।
अच्छाई व बुराई दोनों सामान्यतया शासक वर्ग से ही उत्पन्न होती हैं । क़ानून की वास्तविक शक्ति अधिनियम के कठोर प्रावधानों में नहीं होती । अपितु, यह बात अधिक महत्वपूर्ण होती है कि क़ानून की रगों में किसका रक्त प्रवाहित हो रहा है और इसके पोषणकर्ता, व्याख्याता तथा प्रयोक्ता कौन हैं ।
हमारे देश में रिश्वतदेना और लेना अपराध है। भारत सरकार ने कभी एसा कोई सर्वे कराया- रिश्वतनही देने वाले परिवारों का क्या हॉल है। इन भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियो नेउन ईमानदारी लोगो के साथ क्या किया है।
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