अपने अज्ञातवास के अंतिम समय में अर्जुन ने विराटनगर,नेपाल के राजा की गायो के हरण कर चुके कौरवो से जिस जगह युद्ध कर रक्षा की वो जगह ही गो रक्षा पुर या गोरखपुर कहलाई. अर्जुन की तरह ही आज भी
ji bilkul saty vachan is report me chuhiya hi nikli hai aur agar report me vajpeyi ji ka naam na aaya hota aur P.V.Narsimha rav ko na chhipaaya gya hota to shayad wo jise ham chuhiyaa kah rahe hai wo bhi na nikalti…….magar mahabharat k liye aaj itihaas dhratraashtr ko hi jimmedar thahraata hai…..ab ye kechad uchhalna hua ya nahi ye mujhe nahi malum……anoop aakash verma…..wwwanoopverma@gmail.com……………..
किसी भी हादसे के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा विरोधी दल पर तोहमत मढने के उद्देश्य से आयोग बैठाने का बहुत पुराना चलन चला आ रहा है। इस आयोग पर देश के लाखों करोडों खर्च होने के बावजूद लिब्रहान ने जो रिपोर्ट बनाई है वो बिल्कुल एक तरफ़ा है और रद्दी की टोकरी के हवाले करने काबिल है। नरसिन्हराव को क्लिन चिट देना और अटलजी को कसूरवार करार देना सिर्फ़ इन दो बातों से लिब्राहन देश के प्रबुद्ध जनों में नफ़रत के पात्र हो गये हैं क्योंकि इन दोनों बातों का सच्चाई से दूर का वास्ता भी नहीं है।
दाग उनके दामन में नहीं लगेगा बल्कि भारत की राजनीतिक संस्कृति और उससे बढ़कर सच्ची मानवीयता की आत्मा पर कालिख पुत जाएगी . … – सहमत हूँ आपसे |
वैसे भी कांग्रेस के लिए तो बस नेहरु परिवार ही श्रद्धेय है … बाकी सब ऐरा-गिरा है ….
ji bilkul saty vachan is report me chuhiya hi nikli hai aur agar report me vajpeyi ji ka naam na aaya hota aur P.V.Narsimha rav ko na chhipaaya gya hota to shayad wo jise ham chuhiyaa kah rahe hai wo bhi na nikalti…….magar mahabharat k liye aaj itihaas dhratraashtr ko hi jimmedar thahraata hai…..ab ye kechad uchhalna hua ya nahi ye mujhe nahi malum……anoop aakash verma…..wwwanoopverma@gmail.com……………..
में सिर्फ इतना कहना चाहुगा के अपने स्वार्थ के लिए किसी महा पुरुष पर कीचड़ उछालना ये अच्छी बात नहीं हे
किसी भी हादसे के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा विरोधी दल पर तोहमत मढने के उद्देश्य से आयोग बैठाने का बहुत पुराना चलन चला आ रहा है। इस आयोग पर देश के लाखों करोडों खर्च होने के बावजूद लिब्रहान ने जो रिपोर्ट बनाई है वो बिल्कुल एक तरफ़ा है और रद्दी की टोकरी के हवाले करने काबिल है। नरसिन्हराव को क्लिन चिट देना और अटलजी को कसूरवार करार देना सिर्फ़ इन दो बातों से लिब्राहन देश के प्रबुद्ध जनों में नफ़रत के पात्र हो गये हैं क्योंकि इन दोनों बातों का सच्चाई से दूर का वास्ता भी नहीं है।