अंधेर नगरी|Shortlink: 2010/02/28 11:50 am

उदासीनताओं और उपेक्षाओं का बजट

2 Comments

  • मैं आपसे सहमत हूँ.
    यदि आप हमारे देश की सारी आमदनी पर गौर करें तो पाएंगे कि एक बड़ा हिस्सा (५०% से अधिक) कृषि का है. और कृषि से होने वाली आय पर आयकर माफ़ है, ऐसा क्यों? क्यूँ नहीं सरकार समृद्ध किसानों पर करारोपण करती? जो भी योजनाये सरकार किसानों के लिए बनती है, उसमे होने वाले खर्च का बोझ मेरे और आपके जैसे आयकर देने वाले लोगों को देना पड़ता है, और बदले में क्या मिलता है? कमरतोड़ और रिकार्डतोड़ मंहगाई.
    क्या हम भिखारियों और परजीवियों की एक नयी कौम को जन्म नहीं दे रहे?
    दूसरे ८ लाख प्रतिवर्ष, ८ करोड़ प्रतिवर्ष या ८ अरब प्रतिवर्ष, सब के लिए टैक्स ३०%! जब सरकार किसानों के लिए सामाजिक नीतियों कि दुहाई दे कर इनकम टैक्स माफ़ कर सकती है तो कम कमाने वालों को करोड़पतियों के मुकाबले हा क्यों नहीं दे सकती?

  • मैं आपसे सहमत हूँ.
    यदि आप हमारे देश की सारी आमदनी पर गौर करें तो पाएंगे कि एक बड़ा हिस्सा (५०% से अधिक) कृषि का है. और कृषि से होने वाली आय पर आयकर माफ़ है, ऐसा क्यों? क्यूँ नहीं सरकार समृद्ध किसानों पर करारोपण करती? जो भी योजनाये सरकार किसानों के लिए बनती है, उसमे होने वाले खर्च का बोझ मेरे और आपके जैसे आयकर देने वाले लोगों को देना पड़ता है, और बदले में क्या मिलता है? कमरतोड़ और रिकार्डतोड़ मंहगाई.
    क्या हम भिखारियों और परजीवियों की एक नयी कौम को जन्म नहीं दे रहे?
    दूसरे ८ लाख प्रतिवर्ष, ८ करोड़ प्रतिवर्ष या ८ अरब प्रतिवर्ष, सब के लिए टैक्स ३०%! जब सरकार किसानों के लिए सामाजिक नीतियों कि दुहाई दे कर इनकम टैक्स माफ़ कर सकती है तो कम कमाने वालों को करोड़पतियों के मुकाबले राहत क्यों नहीं दे सकती?

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