” पीएम की रैली में नहीं उमड़े लोग, पर्दे से छिपाया मैदान ” इस शीर्षक के साथ कई अख़बारों में खबरे आई | माननीय प्रधानमंत्रीजी क्या आपको नहीं लगता कि पीएम की रैली में जनता का नहीं जुटना आपकी धूमिल छवि का प्रतीक है ?
आज जनता के बीच ऐसा माना जा रहा है कि आप भी भ्रष्टाचारियों के पोषक और संरक्षक है | मैने स्वयं देशभर में फल-फूल रहे असीमित भ्रष्टाचार को रोकने, इससे उपजनेवाले नागरिकों के भयावह रोष को सीमित करने, प्रधानमंत्री पद की संभावित नकारात्मक स्थिति से देश को कलंकित न होनें देंनें के उद्देश्य से 8 माह पूर्व एक योजना तैयार की थी | इस योजना का नाम ”जनधन क्षेत्रसमृद्धि योजना” रखा और इसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण , प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गाँधी को 26 जून 2011 से अनेक बार फेसबूक, अधिकृत सरकारी वेबसाइट, ई-मेल और ज़िलाधीश औरंगाबाद(महाराष्ट्र) के माध्यम से भेजा |
लेकिन अफ़सोस है कि जनहित के मुद्दों पर आज तक कोई जवाब नही आया और ना ही कोई कार्यवाही हुई | शासन तंत्र द्वारा इस तरह की संवेदनहीनता जनता के अविश्वास का कारक नही होगा तो और क्या होगा ? “जनोक्ति.कॉम ” के माध्यम से पुनः एक बार देशहित में “जनधन क्षेत्रसमृद्धि योजना” के मूल बिंदु अति संक्षेप मे प्रस्तुत कर रहा हूँ | कृपया तत्काल उचित कार्यवाही की जावे यह अपेक्षित और पुन: एक बार निवेदित है.,
नया पायलट प्रोजेक्ट ” जनधन क्षेत्रसमृद्धि योजना ” के मुख्य बिंदु :
[१ बार-बार विभिन्न कारणो से जनता की ओर से जमा होने वाली सभी प्रकार की दानराशियो का, अपव्यय समाप्त हो जावेगा और जनता के इस राशी का उपयोग 100 % भ्रष्टाचार मुक्त होगा.,
[२] दानदाताओ के दान राशी का उपयोग केवल क्षेत्र के दानदाताओ के लिये होगा. जिसके अंतर्गत, दानदाताओ के निजी लाभ के साथ साथ वार्ड या ग्राम के अति आवश्यक विकास कार्य करना, बंधनात्मक रहेगा.,
[३] इस योजनाके प्रभाव से देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की राष्ट्रहित विषयक अतृप्त, इच्छाओ को भी पूर्ण किया जा सकेगा., याद करे श्री राजीव गांधी ने दु:खी हो कर कहा था ” 100/- रुपये खर्चे पर केवल 15 /- रुपये के काम का लाभ आम जनता को मिल रहा है, पुरे 100 /- रुपये का मिलना चाहिये. इसलिये पद्धति में बदलाव लाया जाए |
” जनधन क्षेत्रसमृद्धी योजना ” का सिद्धांत :
इस योजनान्तर्गत क्षेत्र से प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की कुल दानराशी का 30 % भाग दानदाताओ के हित के लिये सुनिश्चित रहेगा जिसमे वार्ड या ग्राम स्तर के विकास कार्य करने अनिवार्य, ( बंधनकारी ) रहेंगे. इसी प्रकार कुल प्राप्त दानराशी के केवल 70 % भाग का इस्तेमाल उस काम के लिये किया जा सकेगा जिसके लिये दानराशी संकलित की गयी होगी. प्रदेश में केवल पंजीकृत व्यक्ती या समूह दानसंकलन कर सकेंगे अन्य नही और दान संकलनकर्ता एक माह के अंदर हिसाब देगा जो योजना की व्यावास्थानुसार पारदर्शक होगा |

