युवा, विचार -विमर्श|Shortlink: 2010/02/04 8:24 pm

वेदान्त की उपयोगिता और युवा

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3 Comments

  • आपका यह ब्लॉग सचमुच एक बड़े मिशन का आभास कराता है| स्वामी विवेकानंद और युवाओं पार लिखा आपका यह लेख भी लाज़वाब है| आपसे और आपके ब्लॉग काफी सीखने को मिलेगा| आशा है…

    शुभ भाव

    राम कृष्ण गौतम

  • आदरणीय डा.रजनीशजी शुक्ल,  वेदान्त आध्यात्मिक चिंतन की विशिष्ठ और क्लिष्ठ विधि है। मेरा मानना है कि इस आद्यात्मिक प्राणाली को सर्वव्यापी बनाने के लिये इसे सर्व साधारण के लिये बोधगम्य बनाने की महती आवश्यकता है। लेख में भाषा-पांडित्य इतना जबर्दस्त है कि उसे अन्तःकरण में समाविष्ठ कर पाना दुःसाद्य है। मेरा अनुरोध हैकि आप कुछ सरल भाषा में इस विषय को प्रतिपादित करेंगे तो बहुतों का भला होगा। अन्यथा नहीं लेंगे। मैं आपके लेख  से प्रभावित हूं।

  • respected sir,
    realy sir you have written very good and sir i am a reserch scholar of university of allahabad. sir i want your help. kindly give me your contact no.

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