अपने अज्ञातवास के अंतिम समय में अर्जुन ने विराटनगर,नेपाल के राजा की गायो के हरण कर चुके कौरवो से जिस जगह युद्ध कर रक्षा की वो जगह ही गो रक्षा पुर या गोरखपुर कहलाई. अर्जुन की तरह ही आज भी
धीरू सिंह जी , आपका इन्तेजार ज्यादा दिनों का नहीं है हर सप्ताह इस कड़ी को बढाया जायेगा अलग-अलग लेखकों की राय से . लोकनायक की जरुरत आज सबसे ज्यादा है क्योंकि आज राजनीति से भी लोक बिलकुल ही गायब हो गया है और आज़ाद भारत में जे पी अकेले हैं जिनको जनता ने अपना नायक माना है .
जे पी की जरुरत आज भी है . आगे का इन्त्ज़ार है
धीरू सिंह जी , आपका इन्तेजार ज्यादा दिनों का नहीं है हर सप्ताह इस कड़ी को बढाया जायेगा अलग-अलग लेखकों की राय से . लोकनायक की जरुरत आज सबसे ज्यादा है क्योंकि आज राजनीति से भी लोक बिलकुल ही गायब हो गया है और आज़ाद भारत में जे पी अकेले हैं जिनको जनता ने अपना नायक माना है .
आपको देखकर खुशी हुई .. सफलता के लिए बहुत शुभकामनाएं !
loknayak ke bare me yah bahut acchi jankari hai iska jyada se jyada prachr prasar jaruri hai,lekin desh ko aaj fir J.P.ki jarurat hai……………