Archive for category: संसद मार्ग

राजनीति का खेल

राजनीति का खेल

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/02/24 7:39 pm

सिवनी में राजनीति के खेल पर प्रकाश डाल रहे हैं इंका नेता ” आशुतोष वर्मा “ वृहद स्तर पर विधायक द्वारा आयोजित हल्दी कूकू चर्चित-भाजपा विधायक श्रीमती नीता पटेरिया द्वारा

देश की टांग न खीचें

देश की टांग न खीचें

4 नंदिनी सिंह / 2010/02/24 10:19 am

जय तेलंगाना के नारे लगते हुए काफी हफ्ते गुज़र गए ,कई दिनों से तेलंगाना का मुद्दा हर अखबारों और पत्रिकाओं में प्रमुख मुद्दा बना हुआ . इस खबर ने तब

कहीं चीनी ले ना डूबे कांग्रेस को

कहीं चीनी ले ना डूबे कांग्रेस को

0 नरेन्द्र निर्मल / 2010/02/24 9:57 am

‘‘चीनी’’ जिस शब्द के सुनने मात्र से जहन में नफरत सी दौड़ पड़ती है। मैं चाय वाली चीनी की नहीं चीनवासियों की बात कर रहा हूं। जिन्होंने हमेशा खुद को

कांग्रेस के दिग्गज सिपहसालार

कांग्रेस के दिग्गज सिपहसालार

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/02/23 6:00 pm

केंद्र में सफलतापूर्वक अपनी दूसरी पारी खेल रही कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की स्थिरता के लिए अगर दस जनपथ को सबसे ज्यादा तारीफें मिलती हैं, तो इस बात

गडकरी का राम राग

गडकरी का राम राग

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/02/22 4:31 pm

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भाजपा के ऊपर अगर हमेशा ही यह आरोप लगता रहा है कि वह अपनी सोच और नीतियों को लेकर हमेशा ही दोहरा रवैया अपनाती

प्रणब दा, कोई गुडलक निकालों….

प्रणब दा, कोई गुडलक निकालों….

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/02/22 12:29 pm

26 फरवरी को यूपीए के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी एक बार फिर देश की जनता के बीच बजट का पिटारा लेकर आने वाले हैं। आम बजट को समर्पित इस तारीख का

भारत के लोगों में common sense है ?

भारत के लोगों में common sense है ?

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/02/22 9:35 am

सभी संसदमार्गी दिव्यात्माओं ( नहीं समझे ,हमारा मतलब है नेताओं ) सहित सर्वसाधारण के ध्यान देने योग्य आनंद जी शर्मा की यह तल्ख़ टिप्पणी : * यात्रा के दौरान एक

कांग्रेस और भाजपा एक संग

कांग्रेस और भाजपा एक संग

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/02/16 9:47 pm

कांग्रेस और भाजपा, भारतीय राजनीति के दो ध्रुवांत एक साथ कैसे हो सकते हैं? परन्तु ऐसा ही हुआ है। एक नहीं दो-दो मसलो पर इनका बयान लगभग एक जैसा है।

नाम में खान, मुसीबत अनजान!

नाम में खान, मुसीबत अनजान!

0 राहुल चौधरी / 2010/02/14 12:21 pm

पिक्चर का नाम ख़राब है या एक्टर का? हाल ही में प्रदर्शित पिक्चर ‘माई नेम इस खान’ को मुंबई में प्रदर्शित होने से रोक लिया गया. पुलिस कहती है हम

राहुल के दोहरेपन को छुपाती मीडिया

राहुल के दोहरेपन को छुपाती मीडिया

2 नरेन्द्र निर्मल / 2010/02/12 1:46 pm

राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। उनकी बेधड़क यात्राओं से कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। हर छोटे-बड़े मुद्दे को भूनाने के लिए