संसद ,तंत्र और अन्ना
0भारतीय सांसदों ने एकमत से टीम अन्ना के विरुद्ध चेतावनी प्रस्ताव में पारित किया है | हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में टीम अन्ना ने लोकपाल बिल मामले में सांसदों
सचिन रमेश तेन्दूलकर को राज्यसभा जाना चाहिए था या नहीं, इस विषय पर चैक-चैराहे से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया तक बहस चल रही है। सचिन का निर्णय वाकई चैंकाने
एक महान क्रिकेटर तथा एक महान अभिनेत्री को राज्यसभा की सदस्यता प्रदान करने की कवायद चल रही है। बेशक, दोनों अपने-अपने क्षेत्र के अच्छे फनकार हैं, मगर सांसद बन कर
परिवर्तन की बात करना राजनेताओं और समाजसेवियों में प्रचलित एक फैशन है; पर यह परिवर्तन लोकतन्त्र की मर्यादा में होना चाहिए। यद्यपि वर्तमान चुनाव प्रणाली भी पूर्णतया लोकतान्त्रिक ही है;
भारतीय सांसदों ने एकमत से टीम अन्ना के विरुद्ध चेतावनी प्रस्ताव में पारित किया है | हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में टीम अन्ना ने लोकपाल बिल मामले में सांसदों
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों द्वारा मंत्रियों और सांसदों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ सोमवार को संसद सदस्यों ने दलगत भवना से ऊपर उठते हुए
भाजपा कार्यकर्ताओं सहित देश का एक बहुत बड़ा वर्ग नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है | लेकिन अब तक नरेंद्र मोदी की राह में उनकी पार्टी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। जब अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश ने प्रदेश की बागडोर सम्भाली। उनके मुख्यमंत्री पद पर बैठने से युवाओं
अब्दुल रशीद, सिंगरौली, मध्य प्रदेश राजनीति में न तो वायदे भुलाए जाते हैं और न ही निभाए जाते हैं बस वायदों कि राजनीति की जाती है। चेहरे और दल बदल
कांग्रेसियो याद रखो ..कांग्रेस मे तुम्हारी मेहनत की कोई कद्र नही है … वही मुख्यमंत्री थोपा जायेगा जो सोनिया गाँधी के तलवे चाटने वाले मीटर मे सबसे ज्यादा अंक पायेगा
आशुतोष वर्मा हाल ही में उत्तरप्रदेश प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में भले ही एक भूचाल ला दिया हो लेकिन कुछ विचारणीय प्रश्न
दोस्तों, उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे देखकर तो अच्छे-अच्छों के होश उड़ गए।06 मार्च को घोषित हुए नतीजों के अनुसार युपी में मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी
मणीपुर, गोआ, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों की विधान सभाओं के चुनाव परिणामों ने इलेक्ट्रॉलिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, स्वतंत्र पत्रकार और राजनेताओं सहित सभी को चौंका दिया
चन्द्रशेखर जोशी आने वाले समय मे उत्तराखंड मे राजनैतिक अनिश्चितता का माहौल रहेगा और ये उत्तराखंड के लिये सबसे बड़ी दुःख की बात होगी और सीएम चुनने में कांग्रेस नेताओं