चोर सिपाही के खेल में अमेरिका की दबंगई
0कहते हैं पाप का घड़ा एक न एक दिन भर ही जाता है। चोर कितना ही चालाक क्यों न हो एक न एक दिन पकड़ा या मारा ही जाता है।
जब आप सच्चे दिल से किसी चीज को पाने का दृढ निश्चय कर लेते हैं तथा उसे पाने के लिए अपना कदम आगे बढ़ा देते हैं तो सबसे पहले आपकी दृढ़ता को ईश्वर
: राजेन्द्र राठौर एक मजबूत लोकपाल की कवायद भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए है, लेकिन सरकार के अब तक के तौर-तरीकों से लगता नहीं कि वह देश को कोई सशक्त लोकपाल
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में नई खरीद नीति को हरी झंडी दे दी। इस साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने लालकिले की प्राचीर से भ्रष्टाचार से
कहते हैं पाप का घड़ा एक न एक दिन भर ही जाता है। चोर कितना ही चालाक क्यों न हो एक न एक दिन पकड़ा या मारा ही जाता है।
जब हिटलर को मरे कई साल बीत गए तब उसकी शासन-प्रणाली पर आदत से लाचार भाई लोगों ने शोध करना शुरू किया.अब तक बेचारे नाख़ून क्यों बढ़ते है,हजामत का पैसा
गुजरात के विकास में किन योजनाओं का हाथ है ? नरेन्द्र मोदी सरकार ने कौन-कौन सी विशेष परियोजना के तहत गुजरात को नंबर वन तक पहुंचाया है ? आइये नरेन्द्र
कडप्पा लोकसभा व पुलिवेंदुला विधान सभा उप चुनाव-2011 आन्ध्र प्रदेश के रायल सीमा क्षेत्र के कडप्पा लोकसभा एवं पुलिवेंदुला विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के लिये हो रहे उप चुनाव पर
” दुनिया का मोस्ट वांटेड आतंकवादी ” ओसामा बिन लादेन ” अब नहीं रहा ..मगर क्या वाकई में लादेन से हमे छुटकारा मिल गया है इस बात की चर्चा हम
अगर आप वर्तमान सरकार की पाकिस्तान नीति पर नजर डालें तो आप उस पर बिना हँसे नहीं रह सकेंगे.आप चाहें तो अपना सिर भी पीट सकते हैं लेकिन वह निश्चित
कल दिनभर समाचार चैनलों पर एक खबर चल रही थी। अमेरिका ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले
इस महान देश के अन्दर साजिशें करने में कुछ खानदानी नेताओं,पार्टियों और उनके समर्थकों ने इतनी महारत हासिल कर ली है कि उस सीमा तक सोचने में आम आदमी तो
पिछले दिनों अन्ना एंड फ्रेंड्स के ऊपर उन्हें बदनाम करने की नियत से जब कांग्रेस के बडबोले नेताओं ने आरोपों के सच्चे-झूठे गोले दागने शुरू कर दिया और जवाब में
इस वर्ष दिल्ली में रहते हुए सबसे चर्चित जो शब्द सुनने में आया वो था शीला…। शीला की चर्चा दो कारणों से अधिक हुयी, पहला कारण तो ‘शीला की जवानी’