जाने के पहले अग्रवाल को ठिकाने लगाकर जाएंगी शीला
0दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमति शीला दीक्षित और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निजाम जे.पी.अग्रवाल के बीच लंबे समय से चल रहा शीत युद्ध नगर निगम चुनावों के एन पहले विस्फोटक दौर
भारत के लिए नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव करने की गहमागहमी का सियासी हल्कों में आग़ाज हो चुका है। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अबुल कलाम
भारत का संविधान अपने आप में अनोखा है, लेकिन निहितार्थ की राजनीति के चलते सभी राजनीतिक दल संविधान पर लगातार प्रहार कर अपने मनमाफिक इसमें संशोधन करने में जुटे हुए है। आज
राजनीति जब तक राज करने की नीति है तब तक तो ठीक है पर मनमानी करने की नीति हो जाए तो क्या करें ? एक तरफ केंद्र की सरकार है
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमति शीला दीक्षित और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निजाम जे.पी.अग्रवाल के बीच लंबे समय से चल रहा शीत युद्ध नगर निगम चुनावों के एन पहले विस्फोटक दौर
मित्रों, ममता बहुत ही महान शब्द है, महान भाव है और महान अनुभूति तो है ही. परन्तु इस आलेख में हम जिस ममता का नीर-क्षीर-विश्लेषण करने बैठे हैं वह ममता
कांग्रेस से टूटकर अलग हुंईं ममता बनर्जी इस समय पूरी दादा गिरी पर आमदा हैं। कांग्रेसनीत केंद्र सरकार और अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा ममता बनर्जी की नैतिक और अनैतिक
दोस्तों, अरविंद केजरीवाल ने हमारे कुछ माननीय सांसदों के बारे में सच्चाई क्या बोली, सभी सांसद उन पर टूट पड़े।पहले राजनीति प्रसाद और रामकृपाल यादव और अब केंद्रीय मंत्री वीरभद्र
दिल्ली नगर निगम के वार्ड संख्या-२२३(शकरपुर वार्ड) के भाजपा प्रत्याशी सुशील उपाध्याय को विभिन्न संस्थाओं ने अपना खुला समर्थन दिया। सुशील उपाध्याय भाजपा शकरपुर मंडल में महामंत्री हैं, बी-ब्लाक वेल्फैर
जातिगत राजनीति वर्तमान में भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस देश में जाति के नाम पर राजनैतिक पार्टियां टिकट वितरण करती है, जाति के नाम
मित्रों, भारत में अबसे कुछ ही सप्ताह बाद राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी शुरू होनेवाली है. कुछ दूर की सोंच रखनेवाले पत्रकारों ने इस बात पर बहस शुरू कर भी दी
कहते हैं कि 12 साल में घूरे के भी दिन फिर जाते हैं लेकिन उत्तरप्रदेश में तो दूने वर्ष बीतने पर भी कांग्रेस पार्टी की ढ़ाक के तीन पात की
कांग्रेस अब इस देश के न्यायपालिका पर भी बिलकुल विश्वास नही करती | कांग्रेस के लिए असली तीर्थ स्थान या असली सुप्रीम कोर्ट १० जनपथ है | आज के पहले
कल तक राहुल गांधी के अघोषित द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के महासचिव राजा दिग्विजय सिंह का शनि भारी होता दिख रहा है। राहुल के दरबार में अब दिग्गी