Archive for category: राष्ट्रीय

भ्रष्टाचारी का, भ्रष्टाचार के लिए, भ्रष्ट शासन

भ्रष्टाचारी का, भ्रष्टाचार के लिए, भ्रष्ट शासन

0 जितेन्द्र कुमार नामदेव / 2011/07/06 6:57 pm

इतिहास गवाह है जब-जब अति हुई है उसका अंत भी हुआ है। भारत को आजादी के बाद एक सम्पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाने का सपना जो देश के महापूरूषों ने देखा

भारतीय राजनीति : तब से अब तक

भारतीय राजनीति : तब से अब तक

0 देवसूफी राम बंसल / 2011/07/06 11:00 am

भारत स्वतंत्र हुआ क्योंकि अंग्रेज़ी शासन द्वारा शोषण के लिए तब यहाँ कुछ शेष नहीं बचा था, तथापि स्वतन्त्रता की मांग की गयी और उसे स्वीकार कर लिया गया. किन्तु स्वतन्त्रता

I M A STUPD COMMON MAN !

I M A STUPD COMMON MAN !

1 श्रवन शुक्ला / 2011/07/05 9:34 am

किसी भाई ने मुझसे कहा कि अपनों के खिलाफ कैसे लड़ पाओगे ??? इस करप्सन की लड़ाई में तुम्हारे सामने तुम्हे अपने ही मिलेंगे.. किस-किस के खिलाफ खड़े होएगे आप? अपने भाई

‘प्रधान मंत्री जी क्या आप सच में इतने ईमानदार हैं…..

‘प्रधान मंत्री जी क्या आप सच में इतने ईमानदार हैं…..

1 शंकर दत्त फुलारा / 2011/07/05 9:13 am

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, ‘हमारे देश भारत‘ के मुखिया; ‘प्रधान मंत्री जी क्या आप सच में इतने ईमानदार हैं ! जितना “किसी खेत या गोदाम का चौकीदार”होता है ?

अन्ना तुम तो सही हो पर… कई शंकाएं बरक़रार हैं

अन्ना तुम तो सही हो पर… कई शंकाएं बरक़रार हैं

2 किशोर बडथ्वाल / 2011/07/03 3:37 pm

क्या तुम जानते हो, पिछली बार जब आये थे तो तुम्हारी टीम मे एक नक्सली समर्थक, काश्मीरी अलवाववादियों का समर्थक, धर्मनिरपेक्ष किंतु भगवा चोलाधारी, पूर्व राजनैतिक नेता, स्वयंभू आर्यसमाजी अग्निवेश भी तुम्हारे साथ खडे थे

मत बोल कि लब गुलाम है तेरे !

मत बोल कि लब गुलाम है तेरे !

0 ब्रज किशोर सिंह / 2011/07/02 10:23 pm

मित्रों,पिछले कुछ महीने भारत के लिए काफी घटनापूर्ण रहे हैं.अप्रैल से ही भारत का प्रबुद्ध वर्ग समय-समय पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलित रहा है.कभी अन्ना हजारे के अनशन और बयानों

लोकतांत्रिक अनशन की मर्यादा

लोकतांत्रिक अनशन की मर्यादा

0 पवन कुमार अरविंद / 2011/06/27 8:31 pm

लोकपाल को लेकर अन्ना हजारे को इतनी बेचैनी क्यों है? जो लोकपाल इन भ्रष्ट नेताओं के कारण पिछले 43 वर्षों से कानून का रूप नहीं ले सका है, क्या वह

लोकपाल मुद्दे पर संसद की अग्निपरीक्षा

लोकपाल मुद्दे पर संसद की अग्निपरीक्षा

0 रमेश भट्ट / 2011/06/27 12:33 pm

संसद का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 सितंबर तक चलेगा। ऐसा कम ही मौकों में देखने को मिलता है कि मानसून सत्र की शुरूआत अगस्त में हो। वह भी

अब आई विपक्ष की बारी

अब आई विपक्ष की बारी

1 डॉ. शशि तिवारी / 2011/06/26 8:10 pm

जब तक है शीशे का घर तब तक है टूटने का डर! आज भ्रष्टाचार से कोई भी वर्ग, पद, समुदाय, राजनीतिक पार्टी, समूह अछूता नहीं हैं। भ्रष्टाचार एवं महंगाई सभी

सोनिया गाँधी सत्ता का नशा सिर्फ पांच साल ही रहता है

सोनिया गाँधी सत्ता का नशा सिर्फ पांच साल ही रहता है

0 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2011/06/26 8:02 pm

तुम एक सुकरात को जहर से मार सकते हो !!! जब पूरा यूनान सुकरात बनके खड़ा होगा तो कितने को जहर पिलाओगे ??? मित्रों ये शब्द यूनान के विश्व प्रसिद्ध