भ्रष्टाचारी का, भ्रष्टाचार के लिए, भ्रष्ट शासन
0इतिहास गवाह है जब-जब अति हुई है उसका अंत भी हुआ है। भारत को आजादी के बाद एक सम्पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाने का सपना जो देश के महापूरूषों ने देखा
उमा भारती अपनी तीसरी राजनीतिक पारी में उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय फलक पर छाने लगी हैं | उमा भारती आजकल पोस्टर से लेकर टीवी स्क्रीन पर शीर्ष नेतृत्व के साथ
अंततः जैसा अपेक्षित था, आगामी माह में होने चुनावों के प्रपंच अपनी चरम सीमा पर पहुंचने लगे हैं, और इन सभी प्रपंचो का एक मात्र लक्ष्य सत्ता पर पहुंचना है.
पंजाब विधान सभा चुनावों में विदेशों में रहने वाले पंजाबी प्रवासी गहरी रुची ले रहे है। राज्य की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस एवं अकाली दल के पक्ष में यह
इतिहास गवाह है जब-जब अति हुई है उसका अंत भी हुआ है। भारत को आजादी के बाद एक सम्पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाने का सपना जो देश के महापूरूषों ने देखा
भारत स्वतंत्र हुआ क्योंकि अंग्रेज़ी शासन द्वारा शोषण के लिए तब यहाँ कुछ शेष नहीं बचा था, तथापि स्वतन्त्रता की मांग की गयी और उसे स्वीकार कर लिया गया. किन्तु स्वतन्त्रता
किसी भाई ने मुझसे कहा कि अपनों के खिलाफ कैसे लड़ पाओगे ??? इस करप्सन की लड़ाई में तुम्हारे सामने तुम्हे अपने ही मिलेंगे.. किस-किस के खिलाफ खड़े होएगे आप? अपने भाई
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, ‘हमारे देश भारत‘ के मुखिया; ‘प्रधान मंत्री जी क्या आप सच में इतने ईमानदार हैं ! जितना “किसी खेत या गोदाम का चौकीदार”होता है ?
क्या तुम जानते हो, पिछली बार जब आये थे तो तुम्हारी टीम मे एक नक्सली समर्थक, काश्मीरी अलवाववादियों का समर्थक, धर्मनिरपेक्ष किंतु भगवा चोलाधारी, पूर्व राजनैतिक नेता, स्वयंभू आर्यसमाजी अग्निवेश भी तुम्हारे साथ खडे थे
मित्रों,पिछले कुछ महीने भारत के लिए काफी घटनापूर्ण रहे हैं.अप्रैल से ही भारत का प्रबुद्ध वर्ग समय-समय पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलित रहा है.कभी अन्ना हजारे के अनशन और बयानों
लोकपाल को लेकर अन्ना हजारे को इतनी बेचैनी क्यों है? जो लोकपाल इन भ्रष्ट नेताओं के कारण पिछले 43 वर्षों से कानून का रूप नहीं ले सका है, क्या वह
संसद का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 सितंबर तक चलेगा। ऐसा कम ही मौकों में देखने को मिलता है कि मानसून सत्र की शुरूआत अगस्त में हो। वह भी
जब तक है शीशे का घर तब तक है टूटने का डर! आज भ्रष्टाचार से कोई भी वर्ग, पद, समुदाय, राजनीतिक पार्टी, समूह अछूता नहीं हैं। भ्रष्टाचार एवं महंगाई सभी
तुम एक सुकरात को जहर से मार सकते हो !!! जब पूरा यूनान सुकरात बनके खड़ा होगा तो कितने को जहर पिलाओगे ??? मित्रों ये शब्द यूनान के विश्व प्रसिद्ध