Archive for category: राष्ट्रीय

जाति-धर्म से ऊपर बेदाग़ हो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

जाति-धर्म से ऊपर बेदाग़ हो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

0 डॉ. शशि तिवारी / 2012/05/10 9:15 pm

भारत का संविधान अपने आप में अनोखा है, लेकिन निहितार्थ की राजनीति के चलते सभी राजनीतिक दल संविधान पर लगातार प्रहार कर अपने मनमाफिक इसमें संशोधन करने में जुटे हुए है। आज

केंद्र और राज्य की लड़ाई में पिसता आम आदमी

केंद्र और राज्य की लड़ाई में पिसता आम आदमी

0 पूजा शुक्ला / 2012/05/10 3:23 pm

राजनीति जब तक राज करने की नीति है तब तक तो ठीक है पर मनमानी करने की नीति हो जाए तो क्या करें  ?  एक तरफ केंद्र की सरकार है

संसदीय लोकतंत्र को परिष्कृत करना ही एक मात्र विकल्प

संसदीय लोकतंत्र को परिष्कृत करना ही एक मात्र विकल्प

0 सिद्धार्थ शर्मा / 2012/05/07 11:51 pm

पिछले कई महीनों से भारत में परिवर्तन की एक उत्कट लालसा दिखाई दे रही है | कल तक जो सज्जन अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, अन्याय, दूषित लोकतंत्र आदि को नियति मान नेपथ्य

बुनकरों की समस्याएं राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बने

बुनकरों की समस्याएं राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बने

0 जनोक्ति डेस्क / 2012/05/06 11:40 am

आज़ादी की बीते 63 सालों में देश के लाखों बुनकरों की समस्याएं और उनकी ग़रीबी दूर होने की बजाय बढ़ती ही चली जा रही है | सरकार की ओर से

पोतों के साथ राष्ट्रपति का विदेशी दौरा ‘सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ : भारत सरकार

पोतों के साथ राष्ट्रपति का विदेशी दौरा ‘सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ : भारत सरकार

1 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2012/05/03 12:27 am

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल चार देशो की यात्रा पर गयी है .. चलो इसमें कोई बुराई नही .. लेकिन आप चौक जायेंगे की उन्होंने अपने तीन पोतों को बकायदा सरकारी डेलीगेट

बिल्ली के गले में घंटा नहीं बाँध पाए एंटनी

बिल्ली के गले में घंटा नहीं बाँध पाए एंटनी

0 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2012/05/02 11:15 am

कांग्रेस की हार की वजह पर बनी एंटनी समिति की रिपोर्ट मे राहुल गाँधी को क्लीन चिट् — बिल्ली के गले मे मरले चूहे कभी घंटी बाँधने की हिम्मत नही

खुलासा : कांग्रेस सरकार का दायां हाथ था आतंकी अजहर !

खुलासा : कांग्रेस सरकार का दायां हाथ था आतंकी अजहर !

2 जनोक्ति डेस्क / 2012/05/01 1:04 pm

जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर कभी कांग्रेस सरकार का दायां हाथ हुआ करता था। पी.वी. नरसिंह राव के जमाने में वह कांग्रेस आकाओं के इशारे पर खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों

सचिन को राष्ट्रपति बना देते !

सचिन को राष्ट्रपति बना देते !

1 आर०के० रंजन / 2012/04/29 12:10 pm

सचिन रमेश तेन्दूलकर को राज्यसभा जाना चाहिए था या नहीं, इस विषय पर चैक-चैराहे से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया तक बहस चल रही है। सचिन का निर्णय वाकई चैंकाने

ऐसी हो भारत की राज्यसभा ..

ऐसी हो भारत की राज्यसभा ..

0 जयदीप शेखर / 2012/04/27 1:35 pm

एक महान क्रिकेटर तथा एक महान अभिनेत्री को राज्यसभा की सदस्यता प्रदान करने की कवायद चल रही है। बेशक, दोनों अपने-अपने क्षेत्र के अच्छे फनकार हैं, मगर सांसद बन कर

चुनाव प्रणाली में परिवर्तन

चुनाव प्रणाली में परिवर्तन

विजय कुमार / 2012/04/23 5:06 pm

परिवर्तन की बात करना राजनेताओं और समाजसेवियों में प्रचलित एक फैशन है; पर यह परिवर्तन लोकतन्त्र की मर्यादा में होना चाहिए। यद्यपि वर्तमान चुनाव प्रणाली भी पूर्णतया लोकतान्त्रिक ही है;