कोई भूखा ना रहे : खाद्य सुरक्षा विधेयक
2सरकार अपना महत्वकांक्षी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में पेश कर चुकी है। इस विधेयक के मुताबिक केन्द्र सरकार देश की 63.5 फीसदी आबादी को सस्ती कीमत पर राशन मुहैया
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों द्वारा मंत्रियों और सांसदों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ सोमवार को संसद सदस्यों ने दलगत भवना से ऊपर उठते हुए
भाजपा कार्यकर्ताओं सहित देश का एक बहुत बड़ा वर्ग नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है | लेकिन अब तक नरेंद्र मोदी की राह में उनकी पार्टी
अब्दुल रशीद, सिंगरौली, मध्य प्रदेश राजनीति में न तो वायदे भुलाए जाते हैं और न ही निभाए जाते हैं बस वायदों कि राजनीति की जाती है। चेहरे और दल बदल
सरकार अपना महत्वकांक्षी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में पेश कर चुकी है। इस विधेयक के मुताबिक केन्द्र सरकार देश की 63.5 फीसदी आबादी को सस्ती कीमत पर राशन मुहैया
हर बार किसी न किसी कारण से पारित होने से रुका लोकपाल विधेयक इस बार देशभर में कथित रूप से उठे बड़े जनआंदोलन के बावजूद राजनीति की भेंट चढ़ गया।
42 वर्षीय प्रौढ़ लोकपाल अब सख्त लोकपाल बनने के मूड में अंततः आ ही गया है। इस उम्र में कुछ अड़ियलपन भीआ जाता है जो सभी देख भी रहे है
‘‘वर्ष २०११’’ व्यतीत हो चुका है। पूरे वर्ष अन्ना के लोकपाल की मुहिम ही राष्ट्र के राजनैतिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र में छाई रही। ‘अन्ना’ लगातार इस बात पर अड़े रहे
मित्रों,कोई भी आन्दोलन खड़ा करना और फिर उसे सफलतापूर्वक संचालित करना कोई बच्चों का खेल नहीं होता.कांग्रेस गाँधी के पहले भी थी.उसके पास गाँधी से भी कहीं ज्यादा योग्य नेता
राजीव खण्डेलवाल: कल देर रात तक चली संसद में अंतत: एक तरफ तो लोकपाल एवं लोकायुक्त बिल पारित कर दिया गया लेकिन दूसरी तरफ लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने वाला
तमाम बाधाओं को पार करते हुए लोकपाल विधेयक संसद में पेश हो गया। लेकिन इससे राहत और संतोष का कोई कारण नहीं दिखता। इसके पूर्व सात प्रधानमंत्री के कार्यकाल में
राजीव खण्डेलवाल: विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के लोकतंत्र की संवैधानिक सर्वोच्च संस्था हमारी संवैधानिक रूप से चुनी गई ‘संसद’ है। संसद के दोनों सदन में लोकसभा, राज्यसभा
सुरा, सुन्दरी और सत्ता अच्छे-अच्छों को पथभ्रष्ट कर देती हैं। यूं तो सुरा और सुन्दरी का चोली दामनका ही संबंध रहा है। इतिहास गवाह है कि अधिकांश घटने वाली घटनाओं
जब आप सच्चे दिल से किसी चीज को पाने का दृढ निश्चय कर लेते हैं तथा उसे पाने के लिए अपना कदम आगे बढ़ा देते हैं तो सबसे पहले आपकी दृढ़ता को ईश्वर