ये शीला सलमान खान वाली नहीं कांग्रेस वाली हैं…
4इस वर्ष दिल्ली में रहते हुए सबसे चर्चित जो शब्द सुनने में आया वो था शीला…। शीला की चर्चा दो कारणों से अधिक हुयी, पहला कारण तो ‘शीला की जवानी’
कुछ ही दिनों पहले वर्तमान में विवादास्पद और पूर्व में कारपोरेट ईमानदारी का प्रतीक माने जानेवाले प्रसिद्द उद्योगपति रतन टाटा ने कहा था कि वर्तमान भारत में वक़्त जिस तरह
स्वयंसेवी संस्था जिसके नाम से ही प्रतीत होता है कि यह संस्था गरीबो, लाचारों, असहाय लोगों की मदद पहुचाती होगी। सरकार भी अफसरशाहों और नौकरशाहों के रवैये से इस कदर
दिल्ली की बसों में एक और बड़ा दर्दनाक वाकया हुआ। बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इस हादसे में 3 रुपये की टिकट नहीं रही । दिल्ली
इस वर्ष दिल्ली में रहते हुए सबसे चर्चित जो शब्द सुनने में आया वो था शीला…। शीला की चर्चा दो कारणों से अधिक हुयी, पहला कारण तो ‘शीला की जवानी’
कुछ ही दिनों पहले वर्तमान में विवादास्पद और पूर्व में कारपोरेट ईमानदारी का प्रतीक माने जानेवाले प्रसिद्द उद्योगपति रतन टाटा ने कहा था कि वर्तमान भारत में वक़्त जिस तरह
स्वयंसेवी संस्था जिसके नाम से ही प्रतीत होता है कि यह संस्था गरीबो, लाचारों, असहाय लोगों की मदद पहुचाती होगी। सरकार भी अफसरशाहों और नौकरशाहों के रवैये से इस कदर
दिल्ली की बसों में एक और बड़ा दर्दनाक वाकया हुआ। बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इस हादसे में 3 रुपये की टिकट नहीं रही । दिल्ली