Archive for category: दक्षिणावर्त

वैसे लोग जो उत्तेजित होते हैं ………..

वैसे लोग जो उत्तेजित होते हैं ………..

48 जनोक्ति डेस्क / 2009/06/05 8:03 pm

मैं एक अच्छा हिन्दू हूँ खजुराहो और कोणार्क के बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता कामसूत्र को मैंने हाथ से छुआ तक नही दुर्गा और सरस्वती को नंगे रूप

मुस्लिम तुष्टीकरण से ज्यादा विकास पर विचार करें मुस्लिम समाज

2 नरेन्द्र निर्मल / 2009/05/31 9:45 pm

१५ वीं लोकसभा का चुनाव के नतीजों से यह आभाष हो चुका है कि युग परिवर्तन के साथ-साथ लोकतंत्र में भी बदलाव होने की पूरी-पूरी संभावना है। ६२ वर्ष पूर्व

भारत में स्थित “देवबंद” से मिलता है तालिबान को मानसिक खुराक

5 जयराम "विप्लव" / 2009/05/10 8:37 pm

इस्लाम के नाम पर अस्तित्व में आए ‘पाकिस्तान’ के हालत को देख कर भष्मासुर की कहानी याद आती है । वो कहानी आप सबने सुनी होगी । ‘एक बार भगवान

धर्मनिरपेक्षता के मायने ……………..

1 जनोक्ति डेस्क / 2009/04/25 8:18 am

अपूर्वानंद का एक आलेख ” शुभ संकेत नहीं “१५ अप्रैल की जनसत्ता में पढ़ा । वचन भंग के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा कठोर दंड न देने की केवल और

सभ्यता का संघर्ष कब तक ………………..???????

0 जनोक्ति डेस्क / 2008/12/12 10:15 am

संसार के समस्त जीवधारियों का जीवन परस्पर संघर्ष की कहानी है । अपने आप को मौत से बचाते हुए अच्छी जिन्दगी की तलाश मेंपूरा जीवजगत आपसी टकरावों में उलझा रहा