राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन और कार्य
0संघ एक अनुशासित तथा शांतिप्रिय संगठन है और उसका काम ”व्यक्ति निर्माण” का है ! संघ को समझने के लिए बहुत दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती ! देश भर में
यूंपीए – 2 के मंत्रीगण एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ता अपना विवेक खो बैठे हैं परिणामतः बार – बार एक देशभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऊपर अपने शब्दों के माध्यम से कुठाराघात
जितना विरोध इस समय पूरे देश में कांग्रेस का है उसे देख कर लगता है अब ये समाप्त होने को है पर फिर भी इसके कार्यकर्ता सीना चौड़ा करके जिस
माँ ! सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में शायद ही कोई हो; जो अपने बच्चों का गला अपने हाथों घौंट दे । फिर भारत में तो माँ की महिमा ही निराली है। यहाँ
संघ एक अनुशासित तथा शांतिप्रिय संगठन है और उसका काम ”व्यक्ति निर्माण” का है ! संघ को समझने के लिए बहुत दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती ! देश भर में
यूंपीए – 2 के मंत्रीगण एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ता अपना विवेक खो बैठे हैं परिणामतः बार – बार एक देशभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऊपर अपने शब्दों के माध्यम से कुठाराघात
जितना विरोध इस समय पूरे देश में कांग्रेस का है उसे देख कर लगता है अब ये समाप्त होने को है पर फिर भी इसके कार्यकर्ता सीना चौड़ा करके जिस
माँ ! सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में शायद ही कोई हो; जो अपने बच्चों का गला अपने हाथों घौंट दे । फिर भारत में तो माँ की महिमा ही निराली है। यहाँ
पाकिस्तान से करीब दो सौ हिंदू परिवार वहाँ हो रहे रोज रोज अत्याचारों से तंग आकर भारत मे शरण की मांग कर रहे है ..ये लोग दिल्ली के ‘मजनू का
हाल के कुछ महीनो में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े बड़े आन्दोलन हुए है चाहे वो आन्दोलन बाबा रामदेव का हो या अन्ना हजारे का हो सबमे सरकार
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ट नेता कलराज मिश्रा ने आज कुशीनगर में कहा की अगर उनकी पार्टी को उत्तर प्रदेश में में अच्छी संख्या आई तो राम
मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनायक सेन नक्सली ही हैं। उनको निकट से जानने वाले के लिए इसमें कोई किंतु-परंतु की बात ही नहीं है। भले ही इस
इस समय भारत में जो आन्दोलन चल रहा है भारत के स्वाभिमान के लिए;”भारत स्वाभिमान आदोलन” मुझे तो लगता है कि सम्पूर्ण बुराईयों के विरुद्ध ऐसा जन आन्दोलन आदि शंकराचार्य
खुजली एक जाना-पहचाना चर्म रोग है। कहते हैं कि यह किसी को हो जाए, तो आसानी से पीछा नहीं छोड़ता। छोड़ भी दे, तो फिर कब उभर आयेगा, यह निश्चित