Archive for category: धर्म-अध्यात्म

कंगाल

0 देवी नागरानी / 2011/05/11 5:41 pm

आशाओं के उजाले को निराशा के अँधेरों में लपेट कर जीवन बिताने वाला इन्सान इतना कँगाल हो जाता है, कि उसे इस बात का इल्म ही नहीं रहता कि क़ुदरत

प्यासी ज़िंदगी

0 देवी नागरानी / 2011/05/11 5:40 pm

जीवन की राहों पर कभी ऐसे इन्सान मिलता है जिन्हें देखकर महसूस होता है कि वह जिंदा तो है पर ज़िंदगी नहीं जी रहा है,  बल्कि ज़िंदगी उसे जी रही

मां के आंचल में है सारी दुनिया

1 rajendra rathore / 2011/05/10 8:16 pm

8 मई यानी मदर्स डे, इसकी कल्पना करते ही मन में मां के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना जागृत हो जाती है। संतान की खुशी और सुख माँ के

दुनियां के बाज़ार में मेले

2 देवी नागरानी / 2011/05/04 12:36 pm

दुनियां के बाज़ार में बनती बिगड़ती क़िस्मतों के रोज़ मेले लगते हैं और हम ही प्रतिबिम्ब बनकर कभी उस मेले में खो जाते हैं, कभी साथियों के संग मुस्कराते हैं,

Rumi- Hidden Music

0 देवी नागरानी / 2011/05/03 2:32 pm

The translations of Rumi, the sufi mystic poet of all times are in a true sense the whispers of The Beloved. His unique message of love speaks directly to the

चमत्कारी संत : सत्यसाईं बाबा

0 विजय कुमार / 2011/05/02 12:34 pm

भारत देवी, देवताओं और अवतारों की भूमि है। यहां समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लेकर मानवता के कल्याण के लिए अपना जीवन अर्पण किया है। ऐसे ही एक श्रेष्ठ

ईश्वर की इच्छा

0 एल.आर. गाँधी / 2011/04/25 4:02 pm

गुरु और शिष्य रेगिस्तान से गुज़र रहे थे. गुरु यात्रा में हर क्षण शिष्य में आस्था जागृत करने के लिए ज्ञान देते रहे थे.   “अपने समस्त कर्मों को ईश्वर

भगवान श्री राम

1 डॉ. वेद व्यथित / 2011/04/12 9:30 am

भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर आप सब को हार्दिक शुभकामनायें मैं इस अवसर पर प्रार्थना करता हूँ कि देश से दुष्टों का विनाश हो सब सुखी व सम्पन्न हूँ

.बिना नागा दारू पिया,

0 शारदा मोंगा / 2011/03/22 7:54 am

बिना नागा दारू पिया, घर खर्चे का क्या होगा? बच्चों को नहीं दूध दही, उनके स्वास्थ्य का क्या होगा? बताओ तो, स्कूल की फीस? उनकी किताब का क्या होगा? तू

तन्हाई

0 देवी नागरानी / 2011/03/21 9:05 pm

कभी इन्सान की जिँदगी में कुछ ऐसे लोग आते हैं जो हवा के झोंके, बारिश की बूँद, फूल के रँग, सइरा में पानी के बगैर रेत के ज़र्रे, दरख़त के