Archive for category: पर्व-त्यौहार

बसंत पर ग्रहण का साया!

0 शारदा मोंगा / 2011/03/17 4:27 am

खुशियों का रंग लेके बसंत,  आया… बसंत आया यह शाश्वत कहानी, लगने लगी बेमानी, हुआ समय का फेरा, आतंकियों ने घेरा, कर अतिक्रमण, सीमा को दे चुनौती, सबल दानवता, मानवता

सदा आनंद रहे एहि द्वारे मोहन खेले होरी

सदा आनंद रहे एहि द्वारे मोहन खेले होरी

1 जनोक्ति डेस्क / 2011/03/16 9:33 am

: मनोरंजन सिंह (पिछली होली के समय उनके ब्लॉग पर प्रकाशित ) जुम्‍मन मियां हमारे गांव में गंगा जमुनी तहजीब के जीते जागते, चलते फिरते, बोलते चालते प्रतीक हैं। बाइस

क्रांतिपर्व होली

क्रांतिपर्व होली

1 विजय कुमार / 2011/03/14 8:03 pm

वसंत पंचमी के आते ही गांव, नगर के चैराहों पर झंडा गाड़कर कुछ लकड़ियां रख दी जाती हैं। गांव की चैपालों पर रात में लोग एकत्रित होकर फाग गाने लगते

फिर आई दीवाली

फिर आई दीवाली

0 विजय कुमार / 2010/12/01 4:32 pm

मार्गषीर्ष अमावस्या (5.12.2010) पर विशेष रोचक जानकारी पूरे विश्व में कार्तिक अमावस्या को दीवाली मनायी जाती है। कहते हैं कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जी 14 साल के वनवास

आस्था का महापर्व ‘छठ’

आस्था का महापर्व ‘छठ’

1 ब्रज किशोर सिंह / 2010/11/11 6:35 pm

श्रीमदभगवद्गीता में भक्ति की व्याख्या करते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि भक्ति सहजता से करो न कि हठपूर्वक.जो व्यक्ति मेरे नाम पर शरीर को कष्ट देता है वह

अपने मन के रावण को मारें,मन का अंधेरा मिटायें-दीप पर्व मनायें

अपने मन के रावण को मारें,मन का अंधेरा मिटायें-दीप पर्व मनायें

2 अरविन्द विद्रोही / 2010/10/19 7:34 am

फिर इस वर्ष भी हमने,हम सबने लंकेश रावण के पुतले का दहन कर डाला।नव दुर्गा का उपवास रखा,शक्ति रूपों की पूजा की,माँ-स्वरूप् कन्याओं को भरपूर भोजन कराया,उन्हें भेटें दी।अब हम

रावण के पुतलों की मंडी

रावण के पुतलों की मंडी

0 शशि सिन्घल / 2010/10/08 7:55 am

हर साल की तरह इस साल भी असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक रूप ’रावण दहन’ की तैयारियां जोर – शोर से चल रही हैं । कॉमन्वेल्थ गेम्स के

रक्षा + बंधन = रक्षाबंधन

रक्षा + बंधन = रक्षाबंधन

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/08/24 11:04 am

रक्षा + बंधन = रक्षाबंधन आज रक्षाबंधन के पुनीत पावन पर्व पर विचारवान व्यक्ति विचार करें कि : रक्षा – (१) किस की (२) किस से (३) किस के द्वारा

राखी का अनुपम उपहार

राखी का अनुपम उपहार

1 नितिन देसाई / 2010/08/24 12:23 am

बचपन की बात है, अक्सर मै अपने दादाजी से कहानियां सुनाने को कहा करता था.वर्षा रितु, सावन का महिना था. चारों ओर हरियाली,पानी की फुहार गर्मी की तपिश को कम

स्‍वतंत्रता दिवस (15-अगस्त)

स्‍वतंत्रता दिवस (15-अगस्त)

0 दीपाली पाण्डेय / 2010/08/14 6:46 pm

हर वर्ष की भांति पूरा भारत ब्रिटिश उपनिवेश शासन से हमारी आजादी की वर्षगांठ मना रहा है। लोग ई-मेल , एसएम्एस आदि के द्वारा लोगों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें