Archive for category: पर्व-त्यौहार

ईदमिलादुन्नबी

0 अब्दुल रशीद / 2012/02/05 8:55 am

अब्दुल रशीद सिंगरौली मध्य प्रदेश ईदमिलादुन्नबी यानी पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की पैदाईश का दिन, आज ही के दिन अल्लाह के महबूब और अव्वल व आखिर पैगम्बर ह. मुहम्मद सल्ल. का

भगवान धनवंतरी व यम पूजन का दिन धनतेरस

भगवान धनवंतरी व यम पूजन का दिन धनतेरस

0 श्याम एन रंगा / 2011/10/24 2:14 pm

आज धनतेरस हैं। 5 दिन के दिपोत्सव का आगाज धनतेरस से ही होता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार कार्तिक बदी तेरस को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। आज

आधुनिक विचार वाले कृष्ण

आधुनिक विचार वाले कृष्ण

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/08/22 1:29 pm

पुष्पक पाटीदार भगवान कृष्ण इस दुनिया में सबसे आधुनिक विचारों वाले भगवान कहे जाएं तो भी गलत नहीं होगा। कृष्ण ने पूरे जीवन ऐसे समाज की रचना पर जोर दिया

असमानता की आजादी का जश्‍न!

असमानता की आजादी का जश्‍न!

5 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2011/08/07 6:53 pm

15 अगस्त, 2011 को हम आजादी की 65वीं सालगिरह मनाने जा रहे भारत में कौन कितना-कितना और किस-किस बात के लिये आजाद है? यह बात अब आम व्यक्ति भी समझने

गुरू पूर्णिमा पर लगा परम्परागत अखाड़ा

गुरू पूर्णिमा पर लगा परम्परागत अखाड़ा

0 श्याम एन रंगा / 2011/07/16 11:45 am

गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर स्थानीय मारूति व्यायाम मंदिर के अखाड़े में परम्परागत अखाड़े का आयोजन किया गया। इसमें शहर के कईं पहलवानों ने दांव पेच आजमाए और परम्परागत

.बिना नागा दारू पिया,

0 शारदा मोंगा / 2011/03/22 7:54 am

बिना नागा दारू पिया, घर खर्चे का क्या होगा? बच्चों को नहीं दूध दही, उनके स्वास्थ्य का क्या होगा? बताओ तो, स्कूल की फीस? उनकी किताब का क्या होगा? तू

इस होली में आप क्या जलाने जा रहे हैं

इस होली में आप क्या जलाने जा रहे हैं

0 ब्रज किशोर सिंह / 2011/03/18 2:30 pm

होली उमंग और उल्लास का पर्व है.सारे ग़मों को भुलाकर आगे मंजिल की ओर नए उत्साह से प्रयाण करने का अवसर है.लेकिन यह तो बात हुई होली की.होली से एक

बसंत पर ग्रहण का साया!

0 शारदा मोंगा / 2011/03/17 4:27 am

खुशियों का रंग लेके बसंत,  आया… बसंत आया यह शाश्वत कहानी, लगने लगी बेमानी, हुआ समय का फेरा, आतंकियों ने घेरा, कर अतिक्रमण, सीमा को दे चुनौती, सबल दानवता, मानवता

सदा आनंद रहे एहि द्वारे मोहन खेले होरी

सदा आनंद रहे एहि द्वारे मोहन खेले होरी

1 जनोक्ति डेस्क / 2011/03/16 9:33 am

: मनोरंजन सिंह (पिछली होली के समय उनके ब्लॉग पर प्रकाशित ) जुम्‍मन मियां हमारे गांव में गंगा जमुनी तहजीब के जीते जागते, चलते फिरते, बोलते चालते प्रतीक हैं। बाइस

क्रांतिपर्व होली

क्रांतिपर्व होली

1 विजय कुमार / 2011/03/14 8:03 pm

वसंत पंचमी के आते ही गांव, नगर के चैराहों पर झंडा गाड़कर कुछ लकड़ियां रख दी जाती हैं। गांव की चैपालों पर रात में लोग एकत्रित होकर फाग गाने लगते