ईदमिलादुन्नबी
0अब्दुल रशीद सिंगरौली मध्य प्रदेश ईदमिलादुन्नबी यानी पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की पैदाईश का दिन, आज ही के दिन अल्लाह के महबूब और अव्वल व आखिर पैगम्बर ह. मुहम्मद सल्ल. का
आज धनतेरस हैं। 5 दिन के दिपोत्सव का आगाज धनतेरस से ही होता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार कार्तिक बदी तेरस को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। आज
पुष्पक पाटीदार भगवान कृष्ण इस दुनिया में सबसे आधुनिक विचारों वाले भगवान कहे जाएं तो भी गलत नहीं होगा। कृष्ण ने पूरे जीवन ऐसे समाज की रचना पर जोर दिया
15 अगस्त, 2011 को हम आजादी की 65वीं सालगिरह मनाने जा रहे भारत में कौन कितना-कितना और किस-किस बात के लिये आजाद है? यह बात अब आम व्यक्ति भी समझने
अब्दुल रशीद सिंगरौली मध्य प्रदेश ईदमिलादुन्नबी यानी पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की पैदाईश का दिन, आज ही के दिन अल्लाह के महबूब और अव्वल व आखिर पैगम्बर ह. मुहम्मद सल्ल. का
आज धनतेरस हैं। 5 दिन के दिपोत्सव का आगाज धनतेरस से ही होता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार कार्तिक बदी तेरस को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। आज
पुष्पक पाटीदार भगवान कृष्ण इस दुनिया में सबसे आधुनिक विचारों वाले भगवान कहे जाएं तो भी गलत नहीं होगा। कृष्ण ने पूरे जीवन ऐसे समाज की रचना पर जोर दिया
15 अगस्त, 2011 को हम आजादी की 65वीं सालगिरह मनाने जा रहे भारत में कौन कितना-कितना और किस-किस बात के लिये आजाद है? यह बात अब आम व्यक्ति भी समझने
गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर स्थानीय मारूति व्यायाम मंदिर के अखाड़े में परम्परागत अखाड़े का आयोजन किया गया। इसमें शहर के कईं पहलवानों ने दांव पेच आजमाए और परम्परागत
बिना नागा दारू पिया, घर खर्चे का क्या होगा? बच्चों को नहीं दूध दही, उनके स्वास्थ्य का क्या होगा? बताओ तो, स्कूल की फीस? उनकी किताब का क्या होगा? तू
होली उमंग और उल्लास का पर्व है.सारे ग़मों को भुलाकर आगे मंजिल की ओर नए उत्साह से प्रयाण करने का अवसर है.लेकिन यह तो बात हुई होली की.होली से एक
खुशियों का रंग लेके बसंत, आया… बसंत आया यह शाश्वत कहानी, लगने लगी बेमानी, हुआ समय का फेरा, आतंकियों ने घेरा, कर अतिक्रमण, सीमा को दे चुनौती, सबल दानवता, मानवता
: मनोरंजन सिंह (पिछली होली के समय उनके ब्लॉग पर प्रकाशित ) जुम्मन मियां हमारे गांव में गंगा जमुनी तहजीब के जीते जागते, चलते फिरते, बोलते चालते प्रतीक हैं। बाइस
वसंत पंचमी के आते ही गांव, नगर के चैराहों पर झंडा गाड़कर कुछ लकड़ियां रख दी जाती हैं। गांव की चैपालों पर रात में लोग एकत्रित होकर फाग गाने लगते