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किसानों के नाम वापस हो उनकी कृषि भूमि
उ0प्र0 की राजधानी लखनउ से मात्र 60किमी दूर स्थित ग्राम्य पचघरा,तहसील फतेहपुर,जनपद बाराबंकी के किसानों की बेशकीमती उपजाउ भूमि का उपमण्डी स्थल के निर्माण हेतु किया गया मनमाना अधिग्रहण आजाद… Read more
पतन की ओर अग्रसर भारतीय कृषि
कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य पदार्थों के उत्पादन से सम्बंधित है.मानव सभ्यता के इतिहास में कृषि की खोज को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है कि इसे नवपाषाणकालीन क्रांति… Read more
बन्दरों को भोजन न दें !
सरकार के आह्वान पर ध्यान देना चाहिए। खेती को खत्म करने की अनेक योजनाओं में से एक हैं बन्दरों का सदुपयोग। हजारों साल से किसान और बन्दर दोनों अपने-अपने अस्तित्व… Read more
किसानों का शोषण व कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण बन्द हो
आज आजादी के 62 वर्षों बाद भी किसानों का शोषण-उत्पीड़न बन्द नहीं हुआ है।विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए मनमाने तरीके से किसानों की उर्वरा भूमि का अधिग्रहण जन विरोधी कृत्य… Read more
क्या केंद्र पूरा कर पायेगा खाद्य सुरक्षा मिशन ?
राष्ट्रीय विकास परिषद की 53वी बैठक में देश की कृषि उत्पादकता को बढाने को लेकर विचार-विमर्श हुआ । अनाज का गिरता उत्पादन और खाद्यान्न की बढ़ती मांग ने केंद्र सरकार… Read more
सोलर वेली के साथ गोबर वेली भी बने
भारत को गांवों का देश कहा जाता है. अर्थात भारत को पहचान देने वाली विशेषताओं एवं जीवनशक्ति प्रदान करने वाले कारकों की नींव ग्रामीण व्यवस्था पर टिकी होती है. भारत… Read more
रबड् की खेती में मुनाफे ज्यादा लेकिन आंकड़ों में हेराफेरी
1996-97 से लेकर 2008-09 तक के रबड् की आँकडे जो भारतीय रबड् बोर्ड द्वारा प्रसारित की गई हैं . उनके विश्लेषण करने पर हेराफेरी के कई सबूत मिलते हैं . एक हेक्टर रबड् की खेती से एक लाख रुपये तक का लाभ मिलता हैं। परन्तू रबड् बोर्ड की तरफ से हेरा फेरी के आँकडे प्रसारित करके दाम ऊपर नीचे होने में मदद किया जा रहा है . यह किसानों के खिलाफ है .
कुंवारी बेटियों ने नंगे होकर हल चलाया
“बारिश के लिए लड़कियों ने नंगी होकर हल चलाया ” । बिहार के बांके बाज़ार कस्बे में किसानों की मर्जी पर उनकी कुंवारी बेटियों ने ऐसा किया । प्रत्यक्षदर्शियों के… Read more
भविष्य की कृषि खतरे में …..
सभ्यता के आरभ से ही ” कृषि ” मानव की तीन जीवनदायनी आधारभूत आवश्यकताओं में से एक -भोजन की आपूर्ति के लिए अपरिहार्य बना हुआ है । कृषि के अलावा… Read more

