चुनावी समर में मीडिया का पाखण्ड
0लोकतंत्र में चुनाव और चुनाव में मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. चुनाव के मौसम में मीडिया वालों की चांदी ही चांदी रहती है. सर्वे,प्रचार, इलेक्शन रैलीया, चुनाव रुझान,
पिछले दिनों से देश के कई इलेक्टा्रनिक मीडिया में श्री निर्मल सिंह नरूला उर्फ ”निर्मल बाबा पर खुली बहस चल रही है। स्टॉर न्यूज द्वारा प्रारम्भ की गई इस बहस
भगवान विष्णु के 12वें अवतार थे श्रीराम। राशियों की संख्या 12 होती है। 12 महीनों से ऋतु चक्र पूरा होता है और यह “पत्रकारिता कोश” का 12वाँ अंक है जिसमें
घर लौटा युवराज, कैंसर बाउंड्री पार !- जैसी शीर्षकों से आज का मीडिया अटा पड़ा है। खुशी की बात है। हो भी क्यों नहीं एक व्यक्ति स्वस्थ होकर आया है।
लोकतंत्र में चुनाव और चुनाव में मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. चुनाव के मौसम में मीडिया वालों की चांदी ही चांदी रहती है. सर्वे,प्रचार, इलेक्शन रैलीया, चुनाव रुझान,
पिछले महीने रुश्दी से लेकर मुस्लिम आरक्षण तक कुछ ऐसे प्रकरण सामने आये जिसमें मुस्लिम संगठनों और उर्दू मीडिया की भूमिका को जानना समझना और विश्लेषित करने का काम आईपीऍफ़
आशीष कुमार ‘अंशु ‘ देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाले अखबार का दावा करने वाले उत्तर प्रदेश में अच्छी प्रसार संख्या वाला एक अखबार अपने पाठकों के साथ किस
भोजपुरी सिनेमा अपने पचासवे पायदान पर आ चुका है और हालात कुछ ऐसे हैं जैसे पुरे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को मुंह छिपाने की जगह ना मिल रही हो | सब
सालों के इंतज़ार के बाद वह दिन आया जब नसीम बानो को इन्साफ मिला. पांच साल पहले एल दिन वह काम से घर लौट रही थी जब राहत अली नाम
पत्रकारिता की दुनिया देखते-देखते मीडिया हो गयी | कभी एक अकेले व्यक्ति की मेहनत से अखबार निकलने की कहानी पर आज यकीं नहीं होता | पंडित युगुल किशोर शुक्ल ,
पत्रकार सौरभ मालवीय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में पीएच.डी. शोध के अंतर्गत ” हिन्दी समाचार पत्रों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रस्तुति ” का
उर्दू के लगभग सभी समाचारपत्रों ने अल्पसंख्यकों के लिए साढ़े चार % आरक्षण को एक धोखा और मजाक करार दिया है। अधिकांश मुस्लिम नेताओं ने मांग की है कि संविधान
पत्रिका ने पत्रकारिता के मानकों का उल्लंघन किया है जस्टिस काटजू . आदरणीय काटजू साहब. कोई भी पद वैधानिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है या उसके पास कितनी शक्ति है,
दोस्तों, आप भी इंटरनेट से किसी न किसी तरह से तो जरूर ही जुड़े होंगे।चाहे ट्वीटर के जड़िये, या फेसबूक के, या ब्लॉगर के जड़िये या फिर किसी और माध्यम