Archive for category: चौथा खंभा

वाह रे IBN 7 के वीर और बहादुर पत्रकार !!

वाह रे IBN 7 के वीर और बहादुर पत्रकार !!

1 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2011/06/29 8:00 pm

आईबीएन की पौ बारह है. चैनल पर हर घण्टे आधे घण्टे पर बहादुरी का विज्ञापन दिखाया जा रहा है कि पत्रकारिता तो केवल आईबीएन ही कर रहा है. बाकी सारे

अरिंदम चौधरी का मान और उसकी हानि !

अरिंदम चौधरी का मान और उसकी हानि !

8 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/24 12:53 pm

प्रभात रंजन मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्ली प्रेस की प्रसिद्ध सांस्कृतिक पत्रिका कारवां(the caravan) पर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया है, वह भी पूरे 50 करोड़(500 मिलियन) का. कारवां के फरवरी

बाबा को बदनाम करने के लिए 5 दिन में 1700 करोड़ का विज्ञापन

बाबा को बदनाम करने के लिए 5 दिन में 1700 करोड़ का विज्ञापन

9 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/18 3:39 pm

बाबा रामदेव को बदनाम करने के लिए 5 दिनों में टेलीविजन मीडिया पर खर्च की गई राशि श्री बाबा रामदेव की 17 साल की संपूर्ण संपत्ति से भी अधिक है

पत्रकारिता का समर्थक बना न्यायालय अवमान कानून का संशोधन

पत्रकारिता का समर्थक बना न्यायालय अवमान कानून का संशोधन

1 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/16 10:56 am

भारत सेन लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के बावजूद समाचार पत्र और विधिक पत्रकारिता को नियंत्रित करने वाले कानून की श्रेणी में न्यायालय अवमानना कानून समझा जाता रहा है। विधि

संत निगमानंद के अनशन को टिकर पर चलाने लायक खबर भी नहीं समझा !

संत निगमानंद के अनशन को टिकर पर चलाने लायक खबर भी नहीं समझा !

4 जयराम "विप्लव" / 2011/06/14 2:44 pm

भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलनों की बयार में मीडिया अपने आप को आन्दोलनों /अभियानों के सूत्रधार के रूप में पेश करने की बेशर्मी कर रही है | मीडिया की संवेदनहीनता और

रियल स्वयंवर या स्वयंवर की रियलटी….?

रियल स्वयंवर या स्वयंवर की रियलटी….?

2 जितेन्द्र कुमार नामदेव / 2011/06/14 1:20 pm

हमारे देश में प्रचीन काल से स्वयंवर की परम्परा चली आ रही है। सुंदर, सुशील राजकुमारियों के लिए श्रेष्ठतम वर की तलाश स्वयंवर के माध्यम से ही की जाती थी।

बाबा रामदेव प्रकरण में इलेक्ट्रोनिक मीडिया की भूमिका संदिग्ध !

बाबा रामदेव प्रकरण में इलेक्ट्रोनिक मीडिया की भूमिका संदिग्ध !

10 आर.ऍम.शर्मा "कौशिक" / 2011/06/13 9:27 pm

दो वर्ष पूर्व तक स्वामी रामदेव जी एक योगी थे और अति आदरनीय जीवन व्यतीत कर रहे थे !  आम आदमी से लेकर खास आदमी और नेता से लेकर अभिनेता

पत्रकारों की शहादत कब तक  ?

पत्रकारों की शहादत कब तक ?

0 जितेन्द्र कुमार नामदेव / 2011/06/13 7:20 pm

अभी कुछ दिन पहले की बात है, जब पाकिस्तान में एक पत्रकार सैयद सलीम शहजाद की हत्या का मामला सामने आया था। देश-विदेश में बैठे पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया व अफ़सोस जता

आलोक मेहता अब सेक्युलर नहीं रहे !

आलोक मेहता अब सेक्युलर नहीं रहे !

3 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/11 11:35 pm

नई दुनिया के संपादक आलोक मेहता ने पिछले रविवार को संडे नई दुनिया पत्रिका में नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यों और सत्ता के विकेंद्रीकरण की तारीफ करते हुए सम्पादकीय लिखा | आलोक मेहता

सरकार ने मीडिया को बाबा और अन्ना की कवरेज करने से मना किया  !

सरकार ने मीडिया को बाबा और अन्ना की कवरेज करने से मना किया !

10 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/08 10:00 pm

आशुतोष तिवारी ( गूगल ग्रुप से साभार ) भ्रष्‍टाचारों से घिरी भ्रष्‍टाचारियों की केंद्र सरकार अब अन्‍ना हजारे और बाबा रामदेव से बुरी तरह डर गई है. अपनी पोल खुलती