भावनाओं का संसार रचती दो उम्दा फिल्में
1इस बीच माजिद माजिदी की दो फिल्में देखने को मिली। चिल्ड्रन आफ हैवन और कलर्स आफ पैराडाईस। माजिद माजिदी की फिल्में एक अलग संसार रचती हैं। गांवों का
सुनील बघेल भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में शुमार होने वाली सदाबहार फिल्म मुगले-आजम ने 5 अगस्त 2010 को अपने पचास साल पूरे कर लिए. निर्देशक के. आसिफ की इस
दोस्तों, एक दृश्य है ……टीवी चल रहा है कोइ फिल्म आ रही है, माता, पिता, बेटा, भाई, बहन सब देख रहे हैं ! सब बड़े ध्यान से देख रहे हैं
रोमांटिक फिल्मों के मामलें में बॉलीवुड का रिकॉर्ड रोजर फेडरर के खेल के माफिक ही उजला रहा है. चाहे वह साठ के दशक की राजकूपर-नरगिस अभिनीत “आवारा” हो या फिर
इस बीच माजिद माजिदी की दो फिल्में देखने को मिली। चिल्ड्रन आफ हैवन और कलर्स आफ पैराडाईस। माजिद माजिदी की फिल्में एक अलग संसार रचती हैं। गांवों का
भारतीय सिनेमा में अपने आवाज़ से जीवनपर्यंत ही किवदंती बन चुके मन्ना डे को 2007 का दादा साहब फाल्के पुरूस्कार देने की घोषणा की गई है। सूचना व प्रसारण मंत्रालय