जल ही जीवन है ………
0जल ही जीवन है। परन्तु सबके लिये। इसमें अमीर गरीब का भेदभाव बर्दाशत नहीं किया जा सकता। शहरी उपभोगतावादी संस्कृति में यह आम बात है कि कहीं ‘वाटर पार्क’ में मस्ती चल
मध्य वर्ग के बच्चे, पैसे वाले नवाबों की संगत में ख़ुद को स्तर से ऊपर उठाने के प्रयास में न जाने कितने कर्ज़ों की दलदल में धंस जाते हैं, कि
आज भी इस तनाव व भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वस्थ व् सुन्दर तरिके से जीवन नहीं जी पा रहे है, यदि आप कुछ बातों का ख्याल रखेंगे तो जिंदगी
मुझे, विगत वर्ष पितृपक्ष में बरसी कार्यक्रम हेतु जाना था. मै तैयार होकर रेलवे स्टेशन पहुँचा स्टेशन पर गाड़ी की प्रतीक्षा कर ही रहा था कि एकाएक मेरे दो पर्यावरण
जल ही जीवन है। परन्तु सबके लिये। इसमें अमीर गरीब का भेदभाव बर्दाशत नहीं किया जा सकता। शहरी उपभोगतावादी संस्कृति में यह आम बात है कि कहीं ‘वाटर पार्क’ में मस्ती चल
नमस्ते भारतवर्ष ! चलिए मैं आपको बतातीं हूँ . हमें अपने जीवन से क्या चाहिए …….? शक्ति एवं बुद्धि , शौर्य, तेज, ओज, शांति, धन-संपत्ति , उत्तम स्वास्थ्य, दाम्पत्य जीवन
प्रायः ६० वर्ष की आयु निवृत्ति की आयु मानी जाती है, जबकि वैज्ञानिक शोधों से पाया गया है कि मनुष्य में मानसिक परिपक्वता ४० वर्ष की आयु से आरम्भ होती
भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र का 80 फीसदी हिस्सा निजी हाथों में है। महज 20 फीसदी हिस्सा सरकार के जिम्मे है। इस 20 फीसदी में भी 80 फीसदी राज्य सरकार के
योगस्थ कुरू कर्माणि अर्थात् योग (समत्व) में स्थित होकर कार्य करो . “सफल परारथ है जग माहिं, कर्महीन नर पावत नाहीं ।” रामायण की अपरोक्त पंक्तियॉं हमें बताती है कि वह
कई बार त्वचा में कई प्रकार के चर्म रोग भी खूबसूरती में दाग के समान होते है । सफेद दाग यह दूधिया सफेद रंग का दाग होता है । इसे
सेहत आप के सर का वो ताज है जो सिर्फ उसे दिखाई देता है जिसके पास ये नहीं है.स्वास्थ्य की तुलना हमेशा से शरीर की मांसपेशियों को आकर्षित बनाने की
पिछले सप्ताह मै अपने टीवी पर एक बहुत ही रोमांचित करने वाली फिल्म देख रहा था जिसमे नायक रजनीकांत जो अपने हाथो से सिगरेट को आसमान में उछालते है और फिर अपनी बन्दूक से उस पर फायर (गोली चलाते है) करते है और वह सिगरेट आसमान में जलजाती है और वापस उनके हाथ में आकर गिरती है.