Archive for category: अंधेर नगरी

डीटीसी बसों की भरमार फ़िर भी सार्वजनिक परिवहन बीमार

डीटीसी बसों की भरमार फ़िर भी सार्वजनिक परिवहन बीमार

0 चाणक्य चिंतन / 2012/02/08 3:54 pm

राजेश सिंह सार्वजनिक परिवहन का मकसद ऐसी सेवा मुहैया कराना है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग न्यूनतम किराए पर अपने गंतव्य तक की यात्रा कर सकें। इसी घोषित उद्देश्य और

RTI खुलासा : AIIMS के ट्रौमा सेंटर में वेंटिलेटर और मौत का खेल

RTI खुलासा : AIIMS के ट्रौमा सेंटर में वेंटिलेटर और मौत का खेल

2 jai kumar jha / 2012/02/08 9:01 am

पिछले साल ११ अप्रैल की सुबह कुछ ऐसा हुआ जब समाजसेवी D.n srivastva एक घायल व्यक्ति को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचा | उस घायल की स्थिति बहुत ही नाजुक थी

नर्सरी एडमिशन में पैसों का खेल फिर भी सरकार कहे सबको है शिक्षा का अधिकार !

नर्सरी एडमिशन में पैसों का खेल फिर भी सरकार कहे सबको है शिक्षा का अधिकार !

0 बरुण कुमार सिंह / 2012/02/06 4:08 pm

बरूण कुमार सिंह देश की राजधानी दिल्ली में नर्सरी में दाखिले को लेकर जिस तरह से पब्लिक स्कूल मनमानी कर रहे हैं कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। पहले सुपरस्टार

एमपी के संवैधानिक संस्थाओं,आयोग का हाल-बेहाल

एमपी के संवैधानिक संस्थाओं,आयोग का हाल-बेहाल

0 अब्दुल रशीद / 2012/02/03 3:11 pm

अब्दुल रशीद सिंगरौली मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मुखिया भले लाख दावा कर ले के वे संवैधानिक संस्थाओं के हितैषी है लेकिन संवैधानिक संस्थाओं कि हालत कुछ और बयां कर

इंदौर की परिवहन व्यवस्था पर ध्यान दे राज्य सरकार

इंदौर की परिवहन व्यवस्था पर ध्यान दे राज्य सरकार

0 चंद्रकांत वाजपेई / 2012/02/02 12:15 am

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान साहब और प्रदेश की बागडौर सम्हालनें वाले शासक दल के सम्मानीय महानुभाव,   कृपया आँखे खोलें, खोज करें और सोचें की क्या आपका शासन

किसान विरोधी अर्थव्यवस्था है महंगाई की जिम्मेदार

किसान विरोधी अर्थव्यवस्था है महंगाई की जिम्मेदार

0 मनीष कुमार वत्स / 2012/01/29 11:26 pm

देश में मँहगाई बढ रही है , लोगों का जीना मुश्किल हो गया है , इस तरह की उक्ति हम आये दिन सुनते रहते है | संसद के हर सत्र

सरकारी ‘आकाश’ और ‘आधार’ दोनों हुए फेल

सरकारी ‘आकाश’ और ‘आधार’ दोनों हुए फेल

1 जयराम "विप्लव" / 2012/01/20 8:56 am

कुछ महीने पहले कपिल सिब्बल ने बड़े जोर शोर से आकाश टैबलेट लाँच किया था |कपिल सिब्बल के द्वारा खूब बड़ी बड़ी बाते की गयी. कांग्रेस के दूसरे नेता भी

23 सालों बाद भी अपने घरों से विस्थापित है कश्मीरी हिन्दू

23 सालों बाद भी अपने घरों से विस्थापित है कश्मीरी हिन्दू

1 पवन कुमार अरविंद / 2012/01/19 11:12 am

23वें निष्कासन दिवस (19 जनवरी) पर विशेष 26 जनवरी को भारत अपना 62वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है लेकिन विडम्बना है कि कश्मीर के हिन्दू आज भी अपने घरों

बात शर्म की नहीं कर्म की है !

बात शर्म की नहीं कर्म की है !

3 डॉ. शशि तिवारी / 2012/01/18 11:21 am

जब एक देश का प्रधानमंत्री सरकारी कार्यक्रम में यह कहे कि कुपोषण देश के लिए ‘‘राष्ट्रीय शर्म’’शर्म है” तो बड़ा हास्यादपद एवं दिल को दुखाने वाला लगता है। हास्यादपद इसलिए

शिक्षा का अधिकार है या शिक्षा छीनने का अधिकार है

शिक्षा का अधिकार है या शिक्षा छीनने का अधिकार है

0 कौशिक राज / 2012/01/15 9:34 pm

कहने के लिए तो देश में शिक्षा का अधिकार लागू है पर असलियत में इसकी बहुत भयावह स्थिति है।इसका एक उदाहरण मैं खुद हूँ। मैं और मेरा छोटा भाई पिछले