Archive for category: अंधेर नगरी

बेकार के मुद्धों पर समय व्‍यर्थ करता भारतीय सत्‍ता प्रतिष्‍ठान

बेकार के मुद्धों पर समय व्‍यर्थ करता भारतीय सत्‍ता प्रतिष्‍ठान

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/04/11 10:08 pm

आर.एस सिंह दिनांक 7 अप्रैल को दन्‍तेवाडा के अपने 76 जवानों को खोने के बाद यह आशा की जा  रही थी कि सत्‍ता प्रतिष्‍ठान कुछ विवेक  का इस्‍तेमाल करेगा और

दो चरणों में एक निर्णायक संघर्ष हो

दो चरणों में एक निर्णायक संघर्ष हो

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/04/08 3:37 pm

गृह मंत्री अपनी साहसिक छवि बनाने लालगढ़ पहुंचे। नक्सली समस्या के खात्में पर खूब चटर-पटर की लेकिन परिणाम ठीक उल्टा निकला। लोकतांत्रिक शासन को चुनौती देते हुए माओवादियों ने दंतेवाड़ा

सत्येन्द्र दुबे ने भी सच बोला था !

सत्येन्द्र दुबे ने भी सच बोला था !

1 सुमित श्रीवास्तव / 2010/04/05 9:23 pm

लेखा-जोखा ले रही हैं प्रियंका सिंह : एक सदाचारी और हिम्मती शख्स अपनी आत्मा की आवाज को साफ-साफ सुन सकता है। लेकिन किसी भी बुरे आदमी में यह गुण गायब

काहे का कॉमन-वेल्थ

काहे का कॉमन-वेल्थ

0 सुमित श्रीवास्तव / 2010/03/29 5:26 pm

आजकल दिल्ली में जो कुछ भी हो रहा है, कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए ही। चाहे वह शीला दीक्षित के कान में दर्द हो या फिर आपकी गली के नुक्कड़ का चौड़ीकरण।

शक्तिहीन सत्ता केंद्र की हार

शक्तिहीन सत्ता केंद्र की हार

0 सुमित श्रीवास्तव / 2010/03/28 12:47 pm

अभी 26/11 के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ में भारत सरकार  की असफलता की स्याही सूखी भी नहीं थी कि रेल मंत्रालय के उस विज्ञापन

बिहार में हिन्दी की मौत

बिहार में हिन्दी की मौत

2 महेश कुमार वर्मा / 2010/03/24 10:23 pm

22 मार्च 2010 को बिहार में बिहार दिवस मनाया गया.  बिहार के स्थापना के 98 वीं वर्षगाँठ पर पहली बार मनाया जाने वाला इस बिहार दिवस का मुख्य कार्यक्रम बिहार

अखबारी विकास के पीछे का बिहार

अखबारी विकास के पीछे का बिहार

7 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/03/17 2:40 pm

नीतीश कुमार और उनकी सरकार के लिए हम गुणगान तो बहुत कर चुके हैं, लेकिन गुणगान के धुन में आज भी कईबातें गुमनामी में ही रह गयी है| बिहार में जल्द ही चुनाव होने जा रहा है,

बरेली में प्रशासन की क्रूरता

बरेली में प्रशासन की क्रूरता

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/03/16 9:51 pm

पिछले चौदह दिनों से बरेली में सांप्रदायिक दंगे जारी है . माया प्रशासन नोटों की माला गूथने में व्यस्त है . घटना में प्रशासन की लापरवाही और कर्तव्यहीनता से जुड़ी

आतंरिक सुरक्षा का प्रश्न

आतंरिक सुरक्षा का प्रश्न

3 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/03/14 6:53 pm

पिछले कुछ समय में नक्सलियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक कार्रवाई करके केंद्र की यूपीए सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है. साथ ही इससे यह

कदाचार से लाचार तड़पता बिहार

कदाचार से लाचार तड़पता बिहार

1 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/03/13 11:35 am

बिहार बोर्ड की दशवीं  की परीक्षा दिनांक ११-०३-२०१० को सम्पन्न हुई | परीक्षा शुरू होने से पहले प्रशासन  ने कदाचारमुक्त परीक्षा सम्पन्न कराने का दावा किया था | और उनके इस दावे का हमेशा की तरह कोई असर