शताब्दी वर्ष में बंद हो गया पटना का तारामंडल
0बिहार सरकार इन दिनों राज्य के सौ साल पूरा होने का जश्न पूरे जोशो खरोश से मना रही है । दिल्ली के बाद अब मुंबई में भी बदले बिहार का
स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों के कारण दुनिया भर में प्रतिबंधित कई दवाएं भारत में धड़ल्ले से सालाना करोडों रुपये का कारोबार कर रही हैं। ग्लोबल स्तर पर प्रतिबंधित दवाओं को
आकाश कुमार |नई दिल्ली (साई)। लगभग ढाई से तीन करोड़ रूपए रोजाना की आय वाले दिल्ली परिवहन निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। वह भी एक दो करोड़ नहीं
ज्ञानेश्वर वात्स्यायन मेरा यह पोस्ट रांची के संजीवनी बिल्डकान की करतूतों की सफल पारी का राजफाश है । मैं जानता हूं कि मेरे इस पोस्ट से मीडिया के कुछ साथी
बिहार सरकार इन दिनों राज्य के सौ साल पूरा होने का जश्न पूरे जोशो खरोश से मना रही है । दिल्ली के बाद अब मुंबई में भी बदले बिहार का
मित्रों, इसे हम अपनी सुविधानुसार भारतीय प्रजातंत्र की विशेषता कहें या विडम्बना; आजादी के बाद से ही सामूहिक नेतृत्व के स्थान पर इसकी प्रीति व्यक्तिपूजा के प्रति कुछ नहीं बल्कि
वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार ने बिहार के सत्ता में कदम रखा तो ऐसा लगा जैसे बिहार में सब कुछ बदल जायेगा , 15 सालों से त्रस्त जनता ने
विशेष प्रकार के सलाहकारों का मानना है की गरीबों के घर को बिजली से रौशन करने के लिए बिजली का उत्पादन करना जरुरी है,और आम जनता भी इसी धारणा को
दो दिन पहले कर्नाटक के पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के ही नेता डॉ. हनुमनथप्पा जो माने जाने मजदूर नेता भी है और टेट्रा बीएमइएल की कर्नाटक की फैक्ट्री जिसमे
मानवता के गुनाहगार स्त्रीरोग विशेषज्ञ मित्रों, आपको भी पता है कि हमारे देश में धर्मयुग कई दशक पहले धर्मयुग का प्रकाशन बंद होने के पहले ही समाप्त हो चुका था फिर
मित्रों, कुछ लोगों की आदत होती है कि करते बहुत कम हैं लेकिन ढोल बहुत ज्यादा का पीटते हैं और कुछ इसी तरह की आदत से ग्रस्त हैं बिहार के
आंकडों के खेल से अगर देश चलता तो शायद आम आदमी का ये हाल ना होता |हमारे देश में तो सरकारें बस फाइलों के जाल में उलझ कर और जनता
शिवराज की तुलना यदि डॉ. मनमोहन सिंह से की जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी मसलन दोनोंही ईमानदार है, सहृदयी है, पारदर्शी एवं अच्छे कार्य की मानसिकता रखते है, दोनों
बुंदेलखण्ड की वीरांगना झांसी की रानी पूरी दुनिया में मशहूर है। उनका लोहा ब्रिटेन सरकार भी मानती है। देश की सबसे बड़ी क्रांति में उस महान नारी का बड़ा योगदान