Archive for category: युवा

आवारा के संस्कार

आवारा के संस्कार

0 अभिषेक कुमार सिंह / 2010/01/09 2:16 pm

एक कस्बे से दिल्ली आया तो अपने माँ-बाप के सपनों के संग जो कुछ चीजे और मैं अपने साथ लाया था वो थे तहजीब और संस्कार । तहजीब को तो

तलाश पहचान की

0 अभिषेक कुमार सिंह / 2009/11/14 7:56 pm

हर साल की तरह इस साल भी तालिमी मेला आया और हमारे कुछ यादों को हमारे दिलों में छोड़ गया। ये यादे हमें कब तक याद रहेंगी ये तो कहा

स्वतः प्राप्त हे पार्थ ! खुले यह,स्वर्ग-द्वार के जैसा।

1 जनोक्ति डेस्क / 2009/11/01 7:46 pm

  सम्पूर्ण विश्व ने सदियों से भारत पर लगातार आक्रमण किए हैं किंतु मुख्यतः मुग़ल और ब्रिटिश लोगो को ही अधिक सफलता मिली है। मुग़ल और ब्रिटिश लोग भी इस

love (प्यार) द अल्टीमेट च्वाइस

1 इसरार अहमद / 2009/07/06 7:10 pm

प्यार है ना चौकाने वाला शब्द जो रिश्तो को दिखता है जो आपको-हमको और हम सब को जीने की राह दिखाता है । आज हो या अतीत नवीन हो या

प्रेम के नाम पर चादर कुशाई ….

2 आत्मानंद / 2009/06/05 8:32 am

कितनी अजीब बात है ,ऐय्याशी के लिए माँ की हत्या । घटना महानगर की है जब एक बेटी ने अपने प्रेमी के संग रंगरलियाँ मनाने में आई परेशानियों की वजह

ये युवा …….जो कुछ करना चाहते हैं……!!!!

3 जनोक्ति डेस्क / 2009/05/07 7:18 am

ये युवा …….जो कुछ करना चाहते हैं……!!!! मैं भूत बोल रहा हूँ……….!! दोस्तों..!! चालीस के लपेटे में आया हुआ आदमी क्या वही सब सोचता है,जो आज मैं आज सोच रहा

एक जीवन ऐसा भी

1 जनोक्ति डेस्क / 2009/03/03 8:27 am

उगता चाँद डूबता सूरज संदीप (बदला हुआ नाम) नोएडा के एक अन्तर- राष्ट्रीय काल सेन्टर में कामकरता है ! संदीप ने बी।एस. सी की डिग्री दिल्ली यूनिवर्सिटी से ली है