आवारा के संस्कार
0एक कस्बे से दिल्ली आया तो अपने माँ-बाप के सपनों के संग जो कुछ चीजे और मैं अपने साथ लाया था वो थे तहजीब और संस्कार । तहजीब को तो
हमारे देश का संविधान सभी को एक जैसा समान न्याय एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मौलिक अधिकार प्रदान करके इसकी गारण्टी भी देता है, लेकिन व्यावहारिक क‹डवी सच्चाई इस बात
हमारे यहां छात्र राजनीति की दो धाराएं रही हैं। आजादी से पहले वाली और आजादी के बाद वाली। आजादी से पहले हमारे देश में छात्र राजनीति की महत्वपूर्ण शुरूआत होती
गौरव शर्मा , राष्ट्रीय छात्रशक्ति प्रमुख भारत के बड़े परिवार, ऊंचे खानदान, गोरे रंग, विदेशी अध्ययन कर आये, राजनीतिक रसुखात रखने वाले या बड़े राजनीतिज्ञों के बेटों के सत्तासीन षड्यंत्र
एक कस्बे से दिल्ली आया तो अपने माँ-बाप के सपनों के संग जो कुछ चीजे और मैं अपने साथ लाया था वो थे तहजीब और संस्कार । तहजीब को तो
हर साल की तरह इस साल भी तालिमी मेला आया और हमारे कुछ यादों को हमारे दिलों में छोड़ गया। ये यादे हमें कब तक याद रहेंगी ये तो कहा
सम्पूर्ण विश्व ने सदियों से भारत पर लगातार आक्रमण किए हैं किंतु मुख्यतः मुग़ल और ब्रिटिश लोगो को ही अधिक सफलता मिली है। मुग़ल और ब्रिटिश लोग भी इस
प्यार है ना चौकाने वाला शब्द जो रिश्तो को दिखता है जो आपको-हमको और हम सब को जीने की राह दिखाता है । आज हो या अतीत नवीन हो या
कितनी अजीब बात है ,ऐय्याशी के लिए माँ की हत्या । घटना महानगर की है जब एक बेटी ने अपने प्रेमी के संग रंगरलियाँ मनाने में आई परेशानियों की वजह
ये युवा …….जो कुछ करना चाहते हैं……!!!! मैं भूत बोल रहा हूँ……….!! दोस्तों..!! चालीस के लपेटे में आया हुआ आदमी क्या वही सब सोचता है,जो आज मैं आज सोच रहा
उगता चाँद डूबता सूरज संदीप (बदला हुआ नाम) नोएडा के एक अन्तर- राष्ट्रीय काल सेन्टर में कामकरता है ! संदीप ने बी।एस. सी की डिग्री दिल्ली यूनिवर्सिटी से ली है