Archive for category: सुझाव

छात्र राजनीति पर प्रतिबन्ध,,,,,कारण क्या?

छात्र राजनीति पर प्रतिबन्ध,,,,,कारण क्या?

0 पियूष कुमार द्विवेदी / 2010/08/27 9:47 pm

“छात्र राजनीति” युवावों के लिए बहुत मायने रखती है! ये उनका प्रथम राजनीतिक अनुभव है! ये कहें तो शायद अतिश्योक्ती नहीं होगी कि छात्र राजनीति, मूल राजनीति कि तरफ युवाओं

व्यवस्था की जड़ता को तोड़ता है छात्र आन्दोलन

व्यवस्था की जड़ता को तोड़ता है छात्र आन्दोलन

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/08/27 8:38 pm

डा. महेशचन्द शर्मा छात्र आन्दोलन आधुनिक सार्वजनिक जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। विशेषकर उच्च शिक्षा में … छात्र, जो कि वयस्क है तथा मतदाता भी है। वह निश्चय ही

छात्र आंदोलनों की प्रासांगिकताः

छात्र आंदोलनों की प्रासांगिकताः

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/08/26 11:05 pm

कैलाश शर्मा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्यार्थी परिषद् 2007 के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, राजस्थान का प्रदेश अधिवेशन बीकानेर में आयोजित हुआ था। विद्यार्थी परिषद् के पूर्वकार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्राकार श्री

अब युद्ध छेड़ना होगा

अब युद्ध छेड़ना होगा

0 विजय कुमार / 2010/08/10 11:02 pm

” संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध “ सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए

जनगणना या जातिगणना  !

जनगणना या जातिगणना !

0 अमित कुमार मीत / 2010/07/16 10:00 am

जात ही पुछो साधु की,मत पुछिए ज्ञान, मोल करो मयान का,ऊपर से होती पहचान | भारतीय सामाजिक व्यवस्था में दोहों का मतलब बदलने में समय नही लगता. झुठ,फरेब और ऊपरी

क्या हम नहीं सुधरेंगे ?

क्या हम नहीं सुधरेंगे ?

0 सुनील दत्त / 2010/05/16 8:04 pm

हम वाराणसी से वापस आ रहे थे । अचानक खबर मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर 12-13 पर भगदड़ मचने से दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।

जाति आधारित जनगणना बंद हो

जाति आधारित जनगणना बंद हो

2 महेश कुमार वर्मा / 2010/05/16 3:39 pm

जाति के आधार पर जनगणना का कोई अर्थ ही नहीं है.  हाँ, यह बात सही है कि जब मुझे विभिन्न जातियों को जाति के आधार पर विशेष सुविधा देनी है

समाज सेवा में युवा शक्ति

समाज सेवा में युवा शक्ति

1 अंकुर द्विवेदी / 2010/05/10 9:11 am

आज के समय में हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ रही है। हमारी युवा शक्ति भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है। लेकिन

एक सुझाव आतंकवाद के खिलाफ

एक सुझाव आतंकवाद के खिलाफ

0 mrdesert / 2010/04/26 10:07 pm

दुनिया की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद की है, सभी देश और सरकारें इस समस्या से दुखी है। आतंकवादी जगह जगह बम लगाकर सरकार पर दबाव ड़ालकर मनमर्जी कार्य करवाते है।