Archive for category: सुझाव

चुनाव सुधार हेतु कुछ सुझाव

चुनाव सुधार हेतु कुछ सुझाव

1 जनोक्ति डेस्क / 2012/02/12 10:00 am

देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान जो कुछ चल रहा है उसे देखते हुए एकबार पुनः ‘ चुनाव सुधार ‘ की बहस तेज हो गयी है |

नक्सली अपने ही दर्शनशास्त्र के विरुद्ध खड़े हैं

नक्सली अपने ही दर्शनशास्त्र के विरुद्ध खड़े हैं

0 चाणक्य चिंतन / 2012/02/10 9:56 am

हर्ष वर्द्धन कुमार नक्सल कमांडर किशनजी के मारे जाने से बौखलाए नक्सलियों द्वारा झारखण्ड में पुलिस बालों पर लगातार हमला जारी है | झारखंड के गढ़वा जिले में नक्सली विस्फोट

जनता के दान राशि  का 100 %  उपयोग सुनिश्चित हो

जनता के दान राशि का 100 % उपयोग सुनिश्चित हो

0 चंद्रकांत वाजपेई / 2012/02/03 2:20 pm

” पीएम की रैली में नहीं उमड़े लोग, पर्दे से छिपाया मैदान ” इस शीर्षक के साथ कई अख़बारों में खबरे आई | माननीय प्रधानमंत्रीजी क्या आपको नहीं लगता कि

आरक्षण समाप्त करना है तो………

आरक्षण समाप्त करना है तो………

1 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2012/01/24 5:42 pm

आरक्षित वर्ग के वर्गद्रोही अफसर तत्काल बर्खास्त किये जायें! भारत के संविधान के बारे में जानकारी रखने वाले सभी विद्वान जानते हैं कि हमारे संविधान के भाग तीन अनुच्छेद-14, 15

विदेशों से केवल तकनीक ही नहीं, इंसाफ करना भी सीखें!

0 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2011/11/23 11:20 am

भारत में विदेशी वस्तुओं और तकनीक को अपनाने वालों की अच्छी खासी तादाद है| विदेशी सामग्री को अपनाने के प्रति हर आम-ओ-खास में शर्म नहीं, बल्कि गर्व का भाव है|

जो भूखों मरते हैं, वो नाचते कैसे हैं ?

जो भूखों मरते हैं, वो नाचते कैसे हैं ?

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/10/03 8:40 pm

अनिल यादव सिटिज़न न्यूज़ सर्विस आजादी के तिरसठ साल बाद भी देश के आदिवासी और अति दलित जातियां मुख्य धारा से बाहर हैं। उनके विकास के लिए बनी योजनाओं ने उन्हें दिया

भारतीय पुलिस यानि सरकारी दामाद

भारतीय पुलिस यानि सरकारी दामाद

4 ब्रज किशोर सिंह / 2011/09/27 9:27 pm

मित्रों,इन दिनों भारतीय पुलिस की अनैतिकता के अद्भूत कारनामे रह-रहकर लगातार अलग-अलग प्रदेशों से सामने आ रहे हैं.कल-परसों की रात दिल्ली पुलिस का एक जवान लूटपाट और क़त्ल करता हुआ पकड़ा

बिहार के विकास और नव निर्माण की प्रमुख चुनौतियाँ

बिहार के विकास और नव निर्माण की प्रमुख चुनौतियाँ

0 जयराम "विप्लव" / 2011/05/26 7:22 pm

बिहार में पन्द्रह सालों के जंगल राज के उपरान्त जनता द्वारा चुनी गयी नीतीश सरकार का यह दूसरा कार्यकाल है | हालाँकि पिछले पांच सालों में राजग सरकार ने दो

आरक्षण की राजनीति

आरक्षण की राजनीति

2 ब्रज किशोर सिंह / 2011/03/28 7:25 pm

अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर जब पहली बार कलकत्ता बंदरगाह पर उतरे तो उन्हें यह देखकर घोर आश्चर्य हुआ कि मुट्ठीभर अंग्रेज कैसे विशाल जनसंख्या वाले भारत पर शासन कर रहे

गरीबो का मजाक उडाना और पैर पड़वाना कहां का न्याय ….?

गरीबो का मजाक उडाना और पैर पड़वाना कहां का न्याय ….?

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/12/13 9:17 pm

रामकिशोर पंवार ”रोंढ़ावाला” ”माटे कहे कुम्हार से तू क्यों रौंधे मोहे , एक दिन ऐसा आयेगा मैं रोंधूगीं तोहे……!” उक्त दोहा मैने शायद मैं बचपन में पढ़ा था। कबीरदास की