वोट के लिए तुष्टिकरण आखिर कब तक ?
0भारत का जन्नत कही जाने वाली कश्मीर के हालत दिन-व-दिन बिगड़ते जा रहे है. कई क्षेत्रो को सेना के हवाले कर दिया गया है. लोगो का रोस सेना पर इस
. जिस तेजी से परिवर्तन की बयार चल रही है….उसमे सब कुछ उतनी ही तेजी से बदल भी रहा है…हमारी जीवन शैली,हमारा आचरण,हमारे आदर्श,हमारे विचार,कर्त्तव्य, …सभी कुछ.हमारे उद्दयेश बदल गए
वी.डी.सी. , प्रधानी , स्कूल , ईंट का भट्टा , और राशन – तेल का कोटा भी उन्ही के पास है ! उनकी कई गाड़ियाँ चलती है ! कंधें पर
अन्ना के साथ आज पूरा देश खड़ा है। यह हूजूम पूरे जोश में है। धूप में, पानी में भींगते, सोशल नेटवर्किंग साइटों पर, नेट पर, देश भर के मीडिया में लबालब- ठसाठस भरे। इससे
भारत का जन्नत कही जाने वाली कश्मीर के हालत दिन-व-दिन बिगड़ते जा रहे है. कई क्षेत्रो को सेना के हवाले कर दिया गया है. लोगो का रोस सेना पर इस
लो एक और इंसान का जीते जी एक और मंदिर बन कर तैयार है हमारी भावी पीढ़ी नारियल-फूल- माला ले कर इस मंदिर के घंटा बजाकर न जाने कौन-कौन सा
पिछले सप्ताह ही समाचार में अपनी सास की अर्थी को कन्धा देकर शमसान पहुंचाने वाली चार भारतीय बहुओं को देखा तो आँखों को सचमुच नारी सशक्तिकरण का सपना साकार होता
उफ़ ये गर्मी और ये जींस की पेंट । क्या करें पहननी भी जरुरी है वरना ; बॉय या गर्ल फ्रेंड को और अन्य जानने वालों को “पर्सनेलिटी” कैसे दिखेगी।
बाल अधिकारों से जुड़ी लगभग सभी संधियों पर दस्तखत करने के बावजूद भारत बाल मजदूरों का सबसे बड़ा घर क्यों बन चुका है, और इसी से जुड़ा यह सवाल भी
साभार : आईएलओ प्रकाशित पुस्तक “मुक्ति की रह” अनौपचारिक अर्थव्यवस्था मोटे तौर पर इस प्रकार परिभाषित की जा सकती है- ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें अनिगमित उद्यम, अनियत या दिहाड़ी मजदूर है। भारत सहित
मेरा उनसे कोई खून का रिश्ता नहीं था फिर भी मै उनसे बराबर मिलता था घंटो मै उनसे बातें करता था उनको भी अच्छा लगता था मझसे बातें करना। मेरा
हम विकसित होने के चाहे लाख दावें कर लें लेकिन आज भी समाज के अंदर वो कुरितियां भरी पड़ी हैं, जो सभ्य समाज के नाम पर कलंक हैं और कही
मै कुछ साल पहले कोटा (राजस्थान) जा रहा था क्यों कि मेरा बड़ा पुत्र इंजीनियरिंग की तैयारी कोटा से ही कर रहा था। मै पटना से दिल्ली गया, दिल्ली से
मैं बहुत से ब्लॉग देखता हूँ जो देशभक्ति से परिपूर्ण होते हैं| और न केवल देश-समाज-संस्कृति-संस्कारों के उत्थान में लगे हुए हैं; अपितु सभी से इसमें सहयोग क़ी अपेक्षा करते