Archive for category: विचार -विमर्श

बाबा साहब से बुद्ध तक……

बाबा साहब से बुद्ध तक……

0 जयराम "विप्लव" / 2010/05/07 9:27 am

दलितो की लड़ाई भी उसी वाद के मुहाने पर आकर गुम हो जाती है जिस ब्राह्मणवाद के खिलाफत की बात दलित चिंतको द्वारा उठाई जाती है। एक-एक करके दलितों की वर्तमान

कलयुगी चमत्कारी बाबा

कलयुगी चमत्कारी बाबा

2 के .पी. त्रिपाठी / 2010/05/06 6:25 pm

गरीबी और अमीरी दोनों ही मनुष्य को अंधविश्वास की तरफ धकेलते हैं। गरीब अपनी गरीबी से कैसे निजात पाए और अमीर सब ऐशो-आराम के बाद भी सकून की नींद कैसे

ग्रेजुएट आतंकियों का कारखाना

ग्रेजुएट आतंकियों का कारखाना

0 जयराम "विप्लव" / 2010/05/06 3:52 pm

मुंबई हमले में आज सीबीआई की विशेष अदालत ने कसाब को फाँसी की सजा सुनाई है जो भारत के लिए ख़ुशी की बात है लेकिन क्या इससे पाकिस्तान का मनोबल टूटेगा

युवाओं के प्रेरणा श्रोत थे जेपी- सच्चिदानन्द सिन्हा

युवाओं के प्रेरणा श्रोत थे जेपी- सच्चिदानन्द सिन्हा

1 जनोक्ति डेस्क / 2010/05/03 8:25 pm

जे.पी 1946 में जेल से छूटे तो राष्ट्र ने अनेक अभूतपूर्व स्वागत किया- वह भारत छोड़ो आंदोलन और अगस्त क्रांति के हीरो थे। रिहाई के बाद उन्होंने समाजवादी आंदोलन को

शिक्षा क्षेत्र में समाज का सहयोग जरुरी

शिक्षा क्षेत्र में समाज का सहयोग जरुरी

1 दीपाली पाण्डेय / 2010/05/02 11:03 am

सचमुच यह विडम्बना ही है कि विश्व भर में एक बड़ी आबादी निरक्षर है और उस निरक्षर आबादी का तीसरा हिस्सा भारत में निवास करता है . सिर्फ धन के

मानव मे सर्वोत्तम……….मजदूर

मानव मे सर्वोत्तम……….मजदूर

2 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/05/01 4:17 pm

आकाश-मंडल में दिवाकर के उदित होने पर सारे फूल खिल जाते हैं, मगर इस में आश्चर्य ही क्या ? प्रशंसनीय है, तो वह हरसिंगार फूल (शेफाली) है, जो घनी आधी

कब मिलेगा आधी आबादी को पूरा हक़ ?

कब मिलेगा आधी आबादी को पूरा हक़ ?

0 कीर्ति सिंह / 2010/04/27 6:56 pm

आलेख : – कीर्ति सिंह , सहायक संपादक मीडियामोर्चा , पटना आधी आबादी का सच यह है कि आज भी आजादी के वर्षों बाद पूरी तरह से सशक्तिकरण नहीं हो

एक सुझाव आतंकवाद के खिलाफ

एक सुझाव आतंकवाद के खिलाफ

0 mrdesert / 2010/04/26 10:07 pm

दुनिया की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद की है, सभी देश और सरकारें इस समस्या से दुखी है। आतंकवादी जगह जगह बम लगाकर सरकार पर दबाव ड़ालकर मनमर्जी कार्य करवाते है।

अतिथियों का बलात्कार !

अतिथियों का बलात्कार !

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/04/19 9:33 am

भारत हमारी संपूर्ण (मानव) जाति की जननी है तथा संस्कृत यूरोप के सभी भाषाओं की जननी है : भारतमाता हमारे दर्शनशास्त्र की जननी है , अरबॊं के रास्ते हमारे अधिकांश

क्रूरता पर पांच सवाल ?

क्रूरता पर पांच सवाल ?

1 डा ० पुरुषोत्तम मीणा / 2010/04/17 3:42 pm

1- सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार  बहु को पीटना क्रूरता नहीं है, तब प्रश्न उठता है कि इन हालातों में आरोपी को पुलिस द्वारा पीटना क्रूरता कैसे हो सकती है? और